फ्लाॉयड हत्याकांड की सुनवाई शुरू, नस्ली भेदभाव के चर्चित इस केस में हत्याभियुक्त पुलिसकर्मी के खिलाफ पेश हुए गवाह

 

पिछले साल मई में जॉर्ज फ्लायड की हुई थी मौत

अभियोजन पक्ष की दलील थी कि पुलिसकर्मी डेरेक शॉविन ने फ्लायड को जिस तरह से मारा है ऐसी स्थिति में यह मामला अमेरिका के न्याय तंत्र की एक परीक्षा है। पुलिसकर्मी डेरेक ने गिरफ्तार करने के लिए जरूरत से ज्यादा ताकत का इस्तेमाल कर अपने पद का दुरुपयोग किया।

मिनियापोलिस, एजेंसियां। अमेरिका के चर्चित अश्वेत जॉर्ज फ्लाॉयड की हत्या के आरोप में अदालत में सुनवाई शुरू हो गई है। सुनवाई के दौरान अदालत को वह वीडियो दिखाया गया, जो दुनियाभर में वायरल हुआ। उसमें एक पुलिसकर्मी फ्लाॉयड की गर्दन को पैरों से जकड़कर दबा रहा है।

अभियोजन पक्ष की दलील थी कि पुलिसकर्मी डेरेक शॉविन ने फ्लाॉयड को जिस तरह से मारा है, ऐसी स्थिति में यह मामला अमेरिका के न्याय तंत्र की एक परीक्षा है। पुलिसकर्मी डेरेक ने गिरफ्तार करने के लिए जरूरत से ज्यादा ताकत का इस्तेमाल कर अपने पद का दुरुपयोग किया। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि फ्लाॉयड ने ड्रग्स का सेवन किया था, उसी के कारण वह मरा। इस मामले की सुनवाई राजनीतिक या सामाजिक आधार पर किया जाना उचित नहीं होगा। सुनवाई के दौरान तीन गवाह पेश हुए, जिनसे दोनों पक्षों के वकीलों ने कई सवाल किए। एक गवाह ने बताया कि फ्लाॉयड ऐसे मर रहा था,जैसे किसी थैली में बंद मछली की जान निकल रही है।सुनवाई के दौरान जॉर्ज फ्लाॉयड के परिवारीजन भी मौजूद थे। वे नौ मिनट 29 सैकेंड तक घुटनों के बल बैठे रहे। फ्लाॉयड की मौत के दौरान पुलिसकर्मी डेरेक शॉविन ने इतने समय तक ही उसकी गर्दन दबाई थी।

पिछले साल मई में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद पूरे अमेरिका में पुलिस क्रूरता और नस्ली हिंसा के खिलाफ जबर्दस्त आंदोलन का दौर चला। यही नहीं पूरे विश्व में नस्ली भेदभाव व हिंसा के खिलाफ 'आई कांट ब्रीद' अभियान चलाया गया।