एक घंटे हवा में चक्कर लगाने के बाद भी नहीं उतर सका विमान, बाद में सुरक्षित लैंडिंग कराई गई

हवा में चक्कर लगाने के बाद भी नहीं उतर सका विमान, बाद में सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। फाइल फोटो
पायलट ने तीन बार विमान लैंड कराने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली तो विमान को वापस अहमदाबाद ले जाया गया। वहां से दूसरा पायलट विमान लेकर जैसलमेर आया और फिर यहां सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

जयपुर, संवाददाता।अहमदाबाद से जैसलमेर आने वाला स्पाइस जेट का विमान तकनीकी कारणों से एक घंटे हवा में चक्कर लगाता रहा, लेकिन रन वे पर नहीं उतर सका। इस दौरान पायलट ने तीन बार लैंड कराने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली तो विमान को वापस अहमदाबाद ले जाया गया। वहां से दूसरा पायलट विमान लेकर जैसलमेर आया और फिर यहां सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। यह घटना शनिवार की है। विमान में आने वाले अधिकांश यात्री पर्यटक थे, जो जैसलमेर घूमने आए थे। स्पाइस जेट का विमान एसजी-3012 ने अहमदाबाद से दोपहर 12 बजकर पांच मिनट पर जैसलमेर के लिए उड़ान भरी थी। एक बजे विमान जैसलमेर पहुंचा। पायलट ने विमान को लैंड कराने का प्रयास किया।

लगातार तीन बार प्रयास के दौरान विमान जब एक घंटे तक हवा में चक्कर लगाता रहा। विमान की लैंडिंग नहीं होने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। कुछ यात्री तो रोने लगे। काफी कोशिश के बाद भी जब लैंडिंग नहीं हो सकी तो पायलट विमान को अहमदाबाद ले गया। वहां अपरान्ह ढ़ाई बजे विमान उतरा। डेढ़ घंटे तक यात्री अहमदाबाद हवाई अड्डे पर ही बैठे रहे। आखिकरकार शाम चार बजे विमान ने फिर अहमदाबाद से उड़ान भरी और 5:15 मिनट पर जैसलमेर हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। जैसलमेर हवाई अड्डा प्राधिकरण के निदेशक बीएस मीणा ने बताया कि तकनीकी कारणों से विमान की लैंडिंग नहीं हो सकी थी। बाद में विमान अहमदाबाद से जैसलमेर फिर आया तो सुरक्षित लैंडिंग हो गई थी।

गौरतलब है कि बेंगलुरु से जयपुर आने वाली फ्लाइट में बुधवार को एक महिला यात्री ने बच्ची को जन्म दिया। इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6ई-469 सुबह पांच बजकर 45 मिनट पर बेंगलुरु से जयपुर के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान हवा में ही एक महिला यात्री का प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसी बीच, विमान में सवार एक चिकित्सक यात्री ने महिला का फ्लाइट में ही प्रसव कराया। क्रू मेंबर्स ने भी इसमें मदद की। जयपुर के सांगानेर हवाई अड्डे पर सुबह 8:5 मिनट पर फ्लाइट उतरी तो प्रसूता और बच्ची को सुरक्षित तरीके से एंबुलेंस के माध्यम से ईएचसीसी अस्पताल में भेजा गया। एयरलाइंस अधिकारियों ने बताया कि विमान से एटीसी के माध्यम से सूचना हवाई अड्डे तक पहुंचा दी गई थी।

जयपुर लैंड होते ही हवाई अड्डे पर एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ तैयार रहा। दोनों को तत्काल विमान से एंबुलेंस तक लाया गया और फिर अस्पताल भेजा गया। दोनों के स्वस्थ होने की पुष्टि के लिए उनका परीक्षण किया गया। दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इस दौरान फ्लाइट में मौजूद अन्य यात्रियों व हवाई अड्डा कर्मियों ने प्रसव कराने वाले चिकित्सक व स्टाफ की काफी प्रशंसा की। फ्लाइट में प्रसूता के परिजन भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी पिछले साल अक्टूबर में इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट में बच्चे का जन्म हुआ था। उस समय फ्लाइट दिल्ली से बेंगलुरु जा रही थी। करीब आठ साल पहले जयपुर की एक फ्लाइट में बच्चे का जन्म हुआ था।

गौरतलब है कि गत दिनों जयपुर से आ रहे इंडिगो के विमान को तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली में नहीं उतारा जा सका। नतीजतन विमान को वापस जयपुर ले जाया गया। इस दौरान करीब ढाई घंटे तक विमान के अंदर यात्रियों की धड़कनें थमी रहीं। जयपुर से दोबारा जब इसी विमान को भेजा गया तो आधे यात्रियों ने उड़ान को छोड़ दिया। इस संबंध में एयरलाइंस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जयपुर से इंडिगो की उड़ान संख्या 6ई-2143 ने शुक्रवार की रात करीब आठ बजे आइजीआइ एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी थी। उसमें करीब 140 यात्री मौजूद थे। यात्रियों ने बताया कि उड़ान भरते ही विमान में कंपन होना शुरू हो गया था। वहीं, तेज आवाज भी आ रही थी। इससे यात्रियों में दहशत फैल गई। पायलट ने रात करीब 8.35 बजे विमान को आइजीआइ एयरपोर्ट पर दो बार उतारने का प्रयास किया, लेकिन उसे नहीं उतारा जा सका।