महिला भाजपाइयों ने रवींद्रनाथ भट्टाचार्य को उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ शुरू किया अनशन

 

 

सिंगुर सीट से रवींद्रनाथ भट्टाचार्य के नाम की घोषणा करने के बाद से स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में काफी रोष
एक समय बंगाल का सिंगुर क्षेत्र कृषि भूमि की रक्षा को लेकर हुए आंदोलन से चर्चित हुआ था। आज एक बार वहां आंदोलन शुरू हुआ है। इस बार आंदोलन तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए वयोवृद्ध नेता रवींद्रनाथ भट्टाचार्य को पार्टी उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ है।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : एक समय बंगाल का सिंगुर क्षेत्र कृषि भूमि की रक्षा को लेकर हुए आंदोलन से चर्चित हुआ था। आज एक बार वहां आंदोलन शुरू हुआ है। इस बार आंदोलन तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए वयोवृद्ध नेता रवींद्रनाथ भट्टाचार्य को पार्टी उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ है। इसे लेकर भाजपाइयों ने अनशन शुरू किया है। सिंगुर के बूढ़ाशांति मैदान में मंच बनाकर भाजपा की महिला कॢमयों ने अनशन शुरू किया है। भाजपाइयों का कहना है कि किसी भी सूरत में वे रवींद्रनाथ भट्टाचार्य को अपना उम्मीदवार नहीं मानेंगे। इसके लिए अगर जान भी देनी पड़ी तो दे देंगे।

आंदोलनकारियों के मंच पर लगाए गए बैनर में उल्लेख किया गया है कि तृणमूल के गुप्तचर तथा टाटा मोटर्स के नैनो कारखाने का विरोध करने वाले रवींद्रनाथ भट्टाचार्य को वे अपना उम्मीदवार नहीं मानते हैं। मंच पर अनशन कर रही भाजपा नेत्री पोली पाल ने कहा-'हमलोग एक जमाने से भाजपा के साथ हैं।

पार्टी नेताओं ने तृणमूल के गुप्तचर रवींद्रनाथ भट्टाचार्य को क्यों सिंगुर सीट से उम्मीदवार बनाया है, यह बात अब तक हमारी समझ में नहीं आई है। जब तक उनका नाम हटाकर किसी अन्य को उम्मीदवार नहीं बनाया जाता, तब तक हम लोगों का अनशन जारी रहेगा। इसके लिए हमें जान भी देनी पड़ी तो हम देंगे।Ó गौरतलब है कि बीते दिनों भाजपा केंद्रीय कमेटी की ओर से घोषित की गई उम्मीदवारों की सूची में सिंगुर सीट से रवींद्रनाथ भट्टाचार्य के नाम की घोषणा करने के बाद से स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में काफी रोष है।