दिल्ली के स्कूल में कोरोना संक्रमित मिली बच्ची, अभिभावकों ने किया धरना प्रदर्शन

 

दिल्ली के स्कूल में कोरोना संक्रमित मिली बच्ची, मचा हड़कंप

अभिभावकों ने इस दौरान मांग उठाई की स्कूल में एक बच्ची के कोरोना पॉजीटिव मिलने के बाद कई और बच्चों में भी कोरोना पाजीटिव होने की संभावना है। ऐसे में स्कूल बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए आनलाइन माध्यम से कक्षा नौ और 11 के छात्रों की परीक्षा ले।

नई दिल्ली । दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले अब बढ़ रहे हैं, लेकिन स्कूलों में कक्षा नौ और 11 के छात्रों को स्कूल प्रबंधन ऑफलाइन परीक्षा देने के लिए स्कूल आने को बाध्य कर रहे हैं। ऐसे में स्कूल आने में बच्चों में कोरोना संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। हाल ही में तीस हजारी स्थित क्वीन्स मैरी सीनियर सेकेंड्री स्कूल में कक्षा 11 की एक छात्रा कोरोना पॉजीटिव मिली। बच्ची के कोरोना पॉजीटिव निकलने के बाद स्कूल के अभिभावकों में हड़कंप मच गया। अभिभावकों ने सोमवार को स्कूल के बाहर धरना प्रदर्शन किया।

अभिभावकों ने इस दौरान मांग उठाई की स्कूल में एक बच्ची के कोरोना पॉजीटिव मिलने के बाद कई और बच्चों में भी कोरोना पॉजीटिव होने की संभावना है। ऐसे में स्कूल बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ऑनलाइन माध्यम से कक्षा नौ और 11 के छात्रों की परीक्षा ले। अभिभावकों के मुताबिक, स्कूल में 8 मार्च से वार्षिक परीक्षाएं शुरू होनी है। स्कूल प्रशासन ने छात्रों को ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प नहीं दिया है।

अभिभावकों ने बताया कि उन्हें स्कूल की तरफ से कहा गया है कि अगर कोई छात्र 8 मार्च से आफलाइन परीक्षा नहीं देता है तो वह अप्रैल में दोबारा परीक्षा देगा। लेकिन परीक्षा ऑफलाइन माध्यम से देना अनिवार्य है। वहीं, जब उत्तरी जिले के उप शिक्षा निदेशक श्रुति बोध अग्रवाल ने से जब इस संबंध में बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, बाद में शिक्षा निदेशालय के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोरोना पॉजीटिव की सूचना के बाद स्कूल को एक हफ्ते के लिए सभी बच्चों के लिए बंद कर दिया गया है।

दिल्ली अभिभावक संघ ने उपराज्यपाल को लिखा पत्र
दिल्ली अभिभावक संघ ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से सभी स्कूलों को बंद कर ऑनलाइन परीक्षा देने की मांग की। अभिभावक संघ की अध्यक्ष अपराजिता गौतम ने कहा कि उनके पास दिल्ली के विभिन्न स्कूलों में लगातार कोरोना संक्रमण की शिकायतें आ रही हैं। लेकिन सभी शिकायतों को स्कूली स्तर पर ही दबा दिया जा रहा है और बच्चों को स्कूल से नाम काटने की बात कहकर चुप करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूलों पर बच्चों के कोरोना पॉजीटिव होने की शिकायतों को छुपाने को लेकर उचित कार्रवाई भी की जानी चाहिए।