इस्लामिक स्टेट से प्रेरित दो कट्टरंथियों की हुई गिरफ्तारी, कैदियों को पारा खिला कर जान लेने का किया था प्रयास

उत्तर-पूर्वी जिले में दंगे में शामिल आरोपितों की रची गई थी हत्या की साजिश

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जिन आरोपितों को गिरफ्तार किया है उनके नाम अब्दुल्ला बासित और अजीमुशान बासित है। दोनों इस्लामिक स्टेट से प्रेरित हैं। दिल्ली दंगे में शामिल हिंदूू आरोपित तिहाड़ में बंद है जिसकी हत्या की साजिश रची गई थी।

नई दिल्ली,  संवाददाता। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कैदियों को पारा (मर्करी) खिलाने के प्रयास में तिहाड़ में बंद दो और कट्टरंथियों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के नाम अब्दुल्ला बासित और अजीमुशान बासित है। दोनों इस्लामिक स्टेट से प्रेरित हैं। दिल्ली दंगे में शामिल हिंदूू आरोपित तिहाड़ में बंद है, जिसकी हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपित अपने मंसूबों में सफल हो पाते, इससे पहले ही पुलिस ने साजिश का भंडाफोड़ कर दिया। साजिश में शामिल दो अन्य आरोपित शाहिद व असलम पहले ही दबोचे जा चुके हैं, साथ ही उनसे जेल में पहुंचाए जाने वाले पारे को भी जब्त किया जा चुका है। शाहिद तिहाड़ जेल में बंद है, जबकि असलम उसका दोस्त है।

गिरफ्तार किए गए अब्दुल्ला बासित और अजीमुशान बासित तिहाड़ में बंद आइएस (इस्लामिक स्टेट) आतंकी अब्दुल सामी व अजीमुसान अजीम के संपर्क में थे। सामी को एनआइए ने 2015 में, जबकि अजीम को स्पेशल सेल ने वर्ष 2016 में गिरफ्तार किया था।

अब्दुल सामी ने शाहिद से मुलाकात की और दिल्ली दंगा के आरोपित अंकित व एक अन्य की हत्या करने के लिए उकसाया था। अंकित व अन्य पर दंगे के दौरान मुस्लिमों की हत्या और मस्जिद में आग लगाने का आरोप है। दोनों तिहाड़ की उसी सेल में बंद हैं, जिसमें शाहिद है।

शाहिद से कहा गया था कि वह हत्या के लिए गोली अथवा चाकू का इस्तेमाल न करें। उन्हें पारा खिलाया जाए। ताकि धीमी मौत से किसी को साजिश का पता न चल सके। लिहाजा आतंकियों की बात में आकर शाहिद ने जनवरी में जेल से अपने दोस्त असलम को फोन कर पारे का इंतजाम करने को कहा था। लेकिन, जेल के पास से उठाए गए डंप डाटा से पुलिस को षड्यंत्र का पता चल गया और स्पेशल सेल ने इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया।