एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल के सौदे पर करार, भारतीय सेना को मिलेगा अधिक बल

 

4,960 MILAN-2T एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल के सौदे पर करार, भारतीय सेना को मिलेगा अधिक बल

डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (DPSU) भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के साथ अनुबंध किया गया है। यह सौदा मोदी सरकार की मेक इन इंडिया पहल को और बढ़ावा देगा। यह अनुबंध रिपीट ऑर्डर है जिसे 08 मार्च 2016 को भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के साथ अनुबंधित किया गया था।

नई दिल्ली, एएनआइ। भारतीय सेना की मारक क्षमता में भारी वृद्धि होने जा रही है। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को 1,188 करोड़ रुपये की लागत से सेना को 4,960 MILAN-2T एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों की आपूर्ति के लिए डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (DPSU) भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के साथ अनुबंध किया है। इंडक्शन को तीन साल में पूरा करने की योजना है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मिलान -2 टी का उत्पादन बीडीएल द्वारा फ्रांस की एक रक्षा फर्म से लाइसेंस के तहत किया जाता है। 

MILAN-2T एक आदमी पोर्टेबल (इन्फैंट्री) दूसरी पीढ़ी का एटीजीएम है, जो विस्फोटक प्रतिक्रियाशील कवच, चलते और स्थिर लक्ष्यों के साथ लगे युद्धक टैंक को नष्ट कर सकता है। यह सौदा मोदी सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल को और बढ़ावा देगा। यह अनुबंध 'रिपीट ऑर्डर' है, जिसे 08 मार्च, 2016 को भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के साथ अनुबंधित किया गया था।

मिलान -2 टी 1,850 मीटर की सीमा के साथ एक टेंडम वारहेड एटीजीएम है, जिसे बीडीएएल ने एमबीडीए मिसाइल सिस्टम, फ्रांस से लाइसेंस के तहत उत्पादित किया है। इन मिसाइलों को जमीन से और साथ ही वाहन-आधारित लांचर से दागा जा सकता है और आक्रामक और रक्षात्मक दोनों कार्यों के लिए एंटी-टैंक रोल में तैनात किया जा सकता है। इन मिसाइलों की प्रेरण सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारियों को और बढ़ाएगी।

रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'यह परियोजना रक्षा उद्योग के लिए अपनी क्षमता दिखाने का एक बड़ा अवसर है और रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक कदम होगा।'