पहली से ज्यादा तेज है कोरोना की दूसरी लहर

 

पिछले सात दिनों से देश में रोजाना 200 के आसपास मौतें रिकॉर्ड की जा रही हैं।

 देश में रविवार को कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामले भी रिकॉर्ड स्तर पहुंच गए। सक्रिय मामले चार लाख से पांच लाख होने में महज चार दिन लगे। महामारी की शुरुआत के बाद से यह सबसे तेज रफ्तार है।

नई दिल्‍ली , देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है। आशंका है कि कोविड-19 की दूसरी लहर मई के अंत तक जारी रहेगी। मंगलवार को भी 56 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए। सोमवार को पिछले साल अक्टूबर के बाद सबसे ज्यादा (68,020) नए मामले आए थे। अब तक देश में कोरोना संक्रमण के 1.20 करोड़ से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, दूसरी लहर फिलहाल कुछ क्षेत्र विशेष तक ही सीमित है, फिर भी 10 राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि होने लगी है।

सिर्फ 17 दिनों में हो गए 50 हजार मामले: पिछले साल सितंबर-अक्टूबर में आई कोरोना की पहली लहर के दौरान संक्रमण के मामलों के 18 हजार से 50 हजार होने में 32 दिन लग गए थे, जबकि दूसरी में सिर्फ 17 दिन लगे। 11 मार्च को 18,377 नए मामले आए थे, जो 27 मार्च को 50,518 हो गए। पहली लहर में महाराष्ट्र में दैनिक मामले 31 दिनों में 11 हजार से 21,900 हुए थे। इस बार सिर्फ नौ दिन लगे। गुजरात में इस बार कोरोना संक्रमण के दैनिक मामलों के 900 से 1,500 होने में सिर्फ छह दिन लगे। पहली लहर के दौरान इसमें 30 दिन लगे थे। पंजाब में पहली लहर के दौरान ढाई हजार से ज्यादा दैनिक मामलों में 13 दिन लग गए थे, जबकि दूसरी में सिर्फ 10 दिन लगे। छत्तीसगढ़ में पहली लहर के दौरान दैनिक मामलों के 200 से 1,400 होने में 40 दिन लगे थे। इस बार सिर्फ 24 दिन लगे।

क्या और खराब होंगी स्थितियां: भारतीय रिजर्व बैंक (एसबीआइ) की तरफ से गत दिनों जारी रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर 15 फरवरी से शुरू हो चुकी है और मई तक रह सकती है। इस दौरान मामलों में इजाफा पहले के मुकाबले ज्यादा हो सकता है। इसकी एक वजह है कि इस बार राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन समेत अन्य प्रतिबंध नहीं लग गए हैं। दूसरी वजह कोरोना के नए स्ट्रेन हो सकते हैं जो पहले वाले से ज्यादा संक्रामक हैं।

कैसे है अलग: मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक 78.56 फीसद मामले सिर्फ छह राज्यों में आए हैं। इनमें महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु व गुजरात शामिल हैं। इनके अलावा दिल्ली, छत्तीसगढ़, हरियाणा व राजस्थान में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 60 फीसद से ज्यादा मामले अकेले महाराष्ट्र से आ रहे हैं। हालांकि, दूसरी लहर उस दौर में आई है जब टीकाकरण अभियान तेजी पर है और देश हर्ड इम्यूनिटी की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में संभव है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का असर अपने यहां दूसरे देशों के मुकाबले कम हो।

पिछले सप्ताह कोविड-19 से होने वाली मौतों में 51 फीसद का इजाफा हुआ है। 21-27 दिसंबर के बाद यह सबसे तेज इजाफा है। पिछले सात दिनों से देश में रोजाना 200 के आसपास मौतें रिकॉर्ड की जा रही हैं।