गंदे पानी को साफ करते समय बिजली भी बनाएगा यह इलेक्ट्रोड

वर्ष 2019 में डॉ. वीके जैन को इंडियन वाटर वीक में जल मंत्री द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) के पूर्व विज्ञानी ने दो वर्ष के शोध के बाद ऐसा उपकरण तैयार किया है जिससे पर्यावरण को दोहरा लाभ पहुंचेगा। उन्होंने ऐसा स्पेशल इलेक्ट्रोड तैयार किया है जिसे गंदे पानी में डालने पर पानी साफ होगा और बिजली भी बनेगी।

नोएडा। रसायन युक्त और गंदगी वाला जल आज के समय में बड़ी समस्या है। यह जलजीवों और इंसान सभी के लिए बड़ा खतरा है। अब डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) के पूर्व विज्ञानी ने दो वर्ष के शोध के बाद ऐसा उपकरण तैयार किया है जिससे पर्यावरण को दोहरा लाभ पहुंचेगा। उन्होंने ऐसा स्पेशल इलेक्ट्रोड तैयार किया है, जिसे गंदे पानी में डालने पर पानी साफ होगा और बिजली भी बनेगी। यह इलेक्ट्रोड गंदे पानी से तब तक बिजली बनाएगा, जब तक पानी साफ नहीं हो जाएगा।

इस विशेष तकनीक को विकसित करने के लिए भारत सरकार के विज्ञान और तकनीकी विभाग द्वारा वित्तीय सहायता दी गई है। एमिटी इंस्टीट्यूट आफ रिन्यूवेबल एंड आल्टरनेटिव एनर्जी के प्रोफेसर व विज्ञानी डॉ. वीके जैन और डॉ. सुमन ने मिलकर विशेष इलेक्ट्रोड तैयार करने का सफल प्रयोग किया है। इस तकनीक को हाल ही में पुणे की डेक्कन वाटर ट्रीटमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया है। कंपनी इस प्रोजेक्ट को अपनाकर गंदे पानी से बिजली तैयार करेगी। इसके लिए वर्ष 2019 में डॉ. वीके जैन को इंडियन वाटर वीक में जल मंत्री द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

यमुना के जल में भी किया प्रयोग

नालों के जरिये औद्योगिक क्षेत्रों का रसायन नदियों में गिरता है। रसायन के कारण कई नदियों के अस्तित्व तक पर संकट आ गया है। ऐसे रसायनयुक्त पानी को भी इलेक्ट्रोड पूरी तरह साफ कर देगा। डा. वीके जैन के मुताबिक दिल्ली में कालिंदी कुंज के पास यमुना के गंदे पानी में भी इस इलेक्ट्रोड का प्रयोग किया गया था। प्रयोग के तौर पर चार बीकर में चार इलेक्ट्रोड डालकर उन्हें आपस में तार के जरिये जोड़कर बिजली उत्पादन का सफल प्रयोग किया गया। साफ हुए पानी की गुणवत्ता पीने लायक तो नहीं है, लेकिन इसे सिंचाई व निर्माण कार्य में आसानी से प्रयोग किया जा सकता है। नदी व नाले में इलेक्ट्रोड का प्रयोग करने के लिए बीच-बीच में दीवार बनानी होगी, जिससे इलेक्ट्रोड पानी के बहाव के साथ बहें नहीं और बहाव अधिक होने पर उसमें लगा तार टूट न जाए।

चेन बनाकर बड़े पैमाने पर बनाई जा सकती है बिजली

एक इलेक्ट्रोड की लागत करीब 200 रुपये है। इलेक्ट्रोड को सीधे वायर से जोड़कर एलक्ष्डी लाइट जलाई जा सकती है। एक इलेक्ट्रोड से एक वोल्ट बिजली तैयार होगी। इलेक्ट्रोड की चेन बनाकर बड़े पैमाने पर बिजली बनाई जा सकती है। चार इलेक्ट्रोड के जरिये नौ वोल्ट की बैटरी चार्ज करने में सिर्फ बीस मिनट का समय लगता है।

अनिर्बन सरकार (संस्थापक और चेयरमैन, डेक्कन वाटर ट्रीटमेंट प्राइवेट लिमिटेड, पुणे) के मुताबिक, वर्तमान समय में जल संरक्षण बहुत ही महत्वपूर्ण है। हम पिछले कई वर्षों से सीवेज शोधन के क्षेत्र का कार्य कर रहे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि इससे लोग अवश्य लाभान्वित होंगे।घर में एक एलईडी बल्ब कर सकते हैं प्रयोग

इस विशेष इलेक्ट्रोड की विशेषता है कि इसका प्रयोग घर, शौचालय, फैक्ट्री से निकलने वाले रसायनयुक्त और गंदे पानी को साफ करने के साथ बिजली उत्पादन में किया जा सकता है। इसका प्रयोग ट्रेन में भी किया जा सकता है। चार से आठ इलेक्ट्रोड का प्रयोग करके घर में एलक्ष्डी बल्ब को जलाया जा सकता है। इलेक्ट्रोड से बनने वाली बिजली से बैटरी को भी चार्ज किया जा सकता है।डॉ. वीके जैन (विज्ञानी) के मुताबिक, काफी समय से इस दिशा में प्रयास किया जा रहा था कि गंदे पानी के निस्तारण के लिए ऐसी विधि होनी चाहिए, जिसका दोहरा फायदा हो सके। दो वर्ष के प्रयास के बाद ऐसा इलेक्ट्रोड तैयार किया गया है।