पिछले साल कोरोना की तुलना में सड़क हादसों से हुई ज्यादा मौतें

 

पिछले साल कोरोना की तुलना में सड़क हादसों से हुई ज्यादा मौतें, पढ़ें- पूरा आंकड़ा

गडकरी ने कहा हमारी सरकार सड़क हादसों को कम करने के प्रति बहुत गंभीर है। पिछले एक साल में सड़क हादसों में 1.50 लाख लोगों की मौत हुई है। यह कोरोना के चलते मारे गए 1.46 लाख लोगों से कहीं ज्यादा है।

नई दिल्ली, प्रेट्र। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि सरकार सड़क हादसों को कम करने के प्रति गंभीर है, क्योंकि पिछले एक साल में कोरोना संक्रमण की तुलना में दुर्घटनाओं से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान गडकरी ने कहा, हमारी सरकार सड़क हादसों को कम करने के प्रति बहुत गंभीर है। पिछले एक साल में सड़क हादसों में 1.50 लाख लोगों की मौत हुई है। यह कोरोना के चलते मारे गए 1.46 लाख लोगों से कहीं ज्यादा है। सरकार सड़क हादसों को कम करने के लिए सभी उपाय करेगी।

उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के चलते मारे गए लोगों में ज्यादातर 18-35 आयु वर्ग के थे। विश्व बैंक की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं भारत में होती हैं। इन हादसों से देश की जीडीपी को 3.14 फीसद का नुकसान होता है।

टोल बूथ अब नहीं रहेंगे

गडकरी ने इसके अलावा एक बड़ा एलान करते हुए कहा था कि अगले एक साल में भारत टोल बूथ से मुक्त होगा और पूरी तरह से जीपीएस आधारित टोल कलेक्शन व्यवस्था लागू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि 93 प्रतिशत वाहन फस्टैग का उपयोग कर टोल का भुगतान करते हैं, लेकिन शेष 7 प्रतिशत ने डबल टोल का भुगतान करने के बावजूद इसे नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि कहा कि वे सदन को आश्वस्त करना चाहते हैं कि एक वर्ष के भीतर देश के सभी टोल बूथ हटा दिए जाएंगे। इसका मतलब है कि टोल संग्रह जीपीएस के माध्यम से होगा। जीपीएस इमेजिंग (वाहनों पर) के आधार पर टोल एकत्र किया जाएगा।