चौकीदार और कार सफाई का काम करने वाले करते थे चोरी, नेपाली गिरोह के छह बदमाश गिरफ्तार

चौकीदार और कार सफाई का काम करने वाले रेकी कर करते थे वारदात, चोरी का सामान नेपाल में खपाते थे।

पुलिस ने 50 से ज्यादा चोरी की वारदात करने वाले नेपाली गिरोह के छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। चौकीदार और कार सफाई का काम करने वाले बदमाश रेकी कर वारदात करते थे। सभी मूल रूप से नेपाल के रहने वाले हैं और लंबे समय से दिल्ली में थे।

 नई दिल्ली। उत्तरी जिला पुलिस ने 50 से ज्यादा चोरी की वारदात करने वाले नेपाली गिरोह के छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। चौकीदार और कार सफाई का काम करने वाले बदमाश रेकी कर वारदात करते थे। आरोपित दल बहादुर, प्रेम बहादुर, धवज बहादुर, अर्जुन, राजेश सऊद और शंकर सऊद सभी मूल रूप से नेपाल के रहने वाले हैं और लंबे समय से दिल्ली में रह रहा थे। वे चोरी का सामान नेपाल में खपाते थे। पुलिस ने उनके पास से दो लैपटाप, 12 महंगी घड़ियां, कृत्रिम आभूषण, नकदी और दरवाजा तोड़ने के उपकरण इत्यादि बरामद किए हैं। वहीं, 12 मामले सुलझाने का दावा किया है। 

उत्तरी जिला के डीसीपी एंटो अल्फोंस ने बताया कि उत्तरी जिले में घर व दुकानों में चोरी करने वाले बदमाशों की गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस लगी हुई थी। विशेष टीम ने घटना स्थल पर लगे 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच में पाया कि नेपाली गिरोह के बदमाश घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

छानबीन में पुलिस को पता चला कि गिरोह के बदमाश सात मार्च को अग्रसेन पार्क, मोरी गेट इलाके में आने वाले हैं। इसकी जानकारी के बाद स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम ने बदमाशों को धर दबोचा। वहीं, उनकी निशानेदही पर काफी संख्या में चोरी का माल बरामद किया गया। 

पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वे वर्ष 2017 से चोरी कर रहे हैं। अर्जुन नाम का बदमाश चोरी का सामान खरीद उसे अपने परिचितों के माध्यम से नेपाल भेज देता था। सभी आरोपित कालोनी व मार्केट में चौकीदार और कार सफाई काम करते हैं। काम के दौरान ही वे वहां स्थिति घर, दुकानों और वहां रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी एकत्र करते थे। वे रात के समय में वारदात करते थे।

गिरोह का सरगना दल बहादुर 18 साल पहले नेपाल से दिल्ली आया था। उसने सब्जी मंडी इलाके में चौकीदारी और कार साफ करने का काम शुरू किया था। बाद में उसने नेपाल निवासी साथियों के साथ मिलकर वारदात करना शुरू कर दिया था।