माता वैष्णो यात्रा प्रभावित, कर्मचारी हड़ताल पर गए, भवन एसएचओ पर बदसलूकी का आरोप

एसएचओ का श्राइन बोर्ड कर्मचारियों के खिलाफ यह तानाशाही बरताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सफाई कर्मचारी से लेकर भवन में तैनात पंडित हड़ताल में शामिल हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि भवन एसएचओ ने बोर्ड कर्मचारी के साथ बदसलूकी की। ड्यूटी के दौरान उन्होंने न सिर्फ कर्मचारी के साथ मारपीट की बल्कि विरोध करने पर उसे कई घंटों तक हिरासत में भी रखा।

जम्मू। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के शुक्रवार सुबह एकाएक काम छोड़ हड़ताल पर चले जाने से भवन समेत श्री माता वैष्णो देवी यात्र मार्ग पर व्यवस्था प्रभावित होकर रह गई है। आज सुबह 5 बजे के करीब विभिन्न ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने अपना कामकाज छोड़ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। वहीं कर्मचारियों की इस हड़ताल के कारण यात्रा व्यवस्था पर भी प्रभाव देखने को मिला।

सफाई कर्मचारी से लेकर भवन में तैनात पंडित हड़ताल में शामिल हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि भवन पर तैनात एसएचओ ने बोर्ड कर्मचारी के साथ बदसलूकी की। ड्यूटी के दौरान उन्होंने न सिर्फ कर्मचारी के साथ मारपीट की बल्कि विरोध करने पर उसे कई घंटों तक हिरासत में भी रखा। हालांकि यह घटना कल शाम की है परंतु जब कर्मचारियों को इस बात का पता चला तो उनमें आक्रोश भड़क गया। आज शुक्रवार सुबह सभी कर्मचारी एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए काम छोड़ हड़ताल पर चले गए।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड इंप्लाइज यूनियन के महासचिव पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि इससे पहले भी एसएचओ भवन कई बार कर्मचारियों के साथ बदसलूकी कर चुका है। परंतु कल तो हद यह हो गई कि उन्होंने श्रद्धालुओं की सेवा में भवन में तैनात सहायक के साथ न सिर्फ बदसलूकी की बल्कि उसके साथ मारपीट भी की। जब सहायक ने इसका विरोध किया तो पुलिस वाले उसे थाने ले गए और करीब चार घंटे तक उसे हिरासत में रखा। एसएचओ का श्राइन बोर्ड कर्मचारियों के खिलाफ यह तानाशाही बरताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

यूनियन की घोषणा के बाद बाण गंगा से लेकर भवन तक विभिन्न ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी जिनमें सफाई कर्मचारी, सहायक व पंडित शामिल हैं, कामकाज छोड़ धरने पर बैठ गए। सभी कर्मचारियों के अचानक से हड़ताल पर चले जाने से यात्रा प्रबंधन पर असर पड़ रहा है। यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भवन के भोजनालय में न तो कोई भोजन परोस रहा है और न ही यात्रा मार्ग की सफाई हो रही है। यही नहीं त्रिकुट पर्वत पर स्थित मां वैष्णो देवी की पवित्र गुफा में भी दर्शनों को पहुंच रहे श्रद्धालुओं को कतारों में खड़ा करने की व्यवस्था पुलिस व सुरक्षाबलों ने अपने हाथों में ले ली है। क्लाक रूम में भी सामान संभालने के लिए कोई सहायक मौजूद नहीं है।