हलवा है क्या...' कोरोना वैक्सीन लगाने पर राकेश टिकैत को मिला बॉलीवुुड डायरेक्टर से तगड़ा जवाब

 

किसान नेता राकेश टिकैत और बॉलीवुड के नामी डायरेक्टर अशोक पंडित की फाइल फोटो।

आंदोलन स्थल पर कोरोना वायरस के खतरे को लेकर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जाहिर है इन दिनों कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं तो उनकी गाइडलाइंस को फॉलो किया जाए। आंदोलन स्थलों पर जो किसान प्रदर्शनकारी बैठे हैं उनको भी वैक्सीन लगाई जाए।

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ यूपी गेट पर धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता राकेट टिकैत के प्रदर्शनकारी किसानों को कोरोना वायरस का टीका लगाने की मांग को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इस बीच बॉलीवुड के नामी डायरेक्टर अशोक पंडित ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की मांग पर ट्वीट किया है- 'हलवा है क्या कि तुमको उधर ही भजे दे।' यहां पर बता दें कि किसान नेता राकेश टिकैत ने बृहस्पतिवार को संबोधन के दौरान मांग की कि आंदोलन स्थल पर किसानों का टीकाकरण किया जाए।

आंदोलन स्थल पर कोरोना वायरस के खतरे को लेकर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जाहिर है इन दिनों कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं तो उनकी गाइडलाइंस को फॉलो किया जाए। आंदोलन स्थलों पर जो किसान प्रदर्शनकारी बैठे हैं, उनको भी वैक्सीन लगाई जाए। आंदोलन स्थलों पर हम शारीरिक दूरी का पालन कर रहे हैं। उन्होंने साफ-साफ कहा कि धरना स्थल पर आने जाने वाले किसानों को वैक्सीन लगाई जाए, मैं भी टीका लगवाऊंगा। इस दौरान राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि कोरोना के कारण आंदोलन खत्म नहीं होने देंगे, टेंटों को और बड़ा बना लेंगे और आंदोलन लंबा चलेगा।

कुंडली बॉर्डर पर बुधवार से किसान प्रदर्शनकारियों को लगाया जा रहा है टीका

बता दें कि हरियाणा में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी सरकार के मुखिया सीएम मनोहर लाल खट्टर के आदेश पर फिलहाल कुंडली बॉर्डर पर शिविर लगातार कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है। यहां पर किसान प्रदर्शनकारियों को टीका लगाने के लिए इंतजाम किए गए हैं। अपुष्ट सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में हो  सकती है टीकाकरण के लिए टीकरी समेत अन्य बॉर्डर पर भी ठीक ऐसे ही शुरुआत की जाए।

यहां पर बता दें कि दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में सबसे पहले 16 जनवरी को कोरोना वायरस टीकाकरण की शुरुआत की गई थी। पहले चरण में डॉक्टरों के साथ फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोविड-19 वैक्सीन दी गई। इसके बाद एक मार्च से टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू हुआ, जिसमें गंभीर बीमारियों से ग्रसित 45 वर्ष से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगाना शामिल है। इसके साथ ही 60 से अधिक वर्ष के लोगों को कोरोना की वैक्सीन दी जा रही है।