सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बसपा विधायक के पति को गिरफ्तार करे मप्र पुलिस

 

सुप्रीम कोर्ट ने आरोपित की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट ने दमोह पुलिस अधीक्षक द्वारा एक न्यायिक अधिकारी के कथित उत्पीड़न का भी संज्ञान लिया और राज्य के पुलिस प्रमुख को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करने के निर्देश दिए।

नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा बसपा विधायक के पति को गिरफ्तार करने में नाकाम रहने पर नाराजगी जताई है। वह दो साल पहले हुई कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या के मामले में आरोपित है। शीर्ष अदालत ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को आरोपित की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए।

सुप्रीम कोर्ट ने दमोह पुलिस अधीक्षक द्वारा एक न्यायिक अधिकारी के कथित उत्पीड़न का भी संज्ञान लिया और राज्य के पुलिस प्रमुख को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करने के निर्देश दिए। इस मामले की सुनवाई कर रहे एएसजे ने बसपा विधायक रामबाई सिंह के पति गोविंद सिंह का नाम इस मामले में हत्यारोपित के तौर पर शामिल किया था।

न्यायाधीश ने आठ फरवरी के अपने आदेश में उल्लेख किया था कि उन पर दमोह के पुलिस अधीक्षक और उनके अधीनस्थों द्वारा दबाव डाला जा रहा है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने पाया कि गैरजमानती वारंट के बावजूद गोविंद सिंह गिरफ्तारी से बचता रहा। पीठ ने कहा कि मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक दूसरे प्रतिवादी गोविंद सिंह की गिरफ्तारी सुनिश्चित करें और इस अदालत में व्यक्तिगत हलफनामा दायर कर रिपोर्ट सौंपें।

26 मार्च को फिर से सुनवाई के लिए मामले को सूचीबद्ध करते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि बसपा विधायक रामबाई सिंह के पति गोविंद सिंह, जिन्हें हत्या के मामले में आरोपी बनाया गया है, से जुड़े मामलों में मुकदमे का ट्रायल करने वाले न्यायाधीश को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ पीठ देवेंद्र चौरसिया के बेटे सोमेश और राज्य सरकार द्वारा गोविंद सिंह को एक अन्य मामले में दी गई जमानत को रद्द कराने की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।