अगले तीन दिन तक देश के इन हिस्सों में गरज के साथ बारिश का अलर्ट

 


पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में देखा जा रहा है बदलाव

 भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा कि उत्तर भारत में 21 से 23 मार्च (रविवार से मंगलवार के बीच) तक कई राज्यों में बारिश होगी। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी बर्फबारी और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश की राजधानी दिल्ली व एनसीआर समेत कई राज्यों के मौसम में खासा बदलाव देखा गया है। देश के कई अहम हिस्सों में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई जा रही है। भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department, IMD) के अनुसार इस सप्ताह उत्तर भारत के दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और अन्य क्षेत्रों में बारिश होने के आसार हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा कि उत्तर भारत में 21 से 23 मार्च (रविवार से मंगलवार के बीच) तक कई राज्यों में बारिश होगी। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी बर्फबारी और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में 21 से 24 मार्च बारिश होने की उम्मीद जताई गई है।

भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 21 से 23 मार्च के दौरान गरज के साथ बारिश होगी। आइएमडी ने कहा कि 21 मार्च और 22 मार्च को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 22 मार्च को पंजाब के ऊपर ओलावृष्टि की संभावना है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में मंगलवार को बारिश हो सकती है। इसके साथ ही राजस्थान के कई हिस्सों में 22 से 23 मार्च के बीच बारिश होने का अनुमान जताया है। इसके साथ ही आइएमडी ने महाराष्ट्र के मराठावाड़ा क्षेत्र में शनिवार को ओलावृष्टि होने का अलर्ट जारी किया है। 

बिहार के इन हिस्सों में गरज और आंधी के साथ बारिश की संभावना

बिहार की राजधानी पटना समेत कुछ इलाकों शनिवार को आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। पटना स्थिति मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शनिवार को कुछ जिलों में आंधी और बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार पटना, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।

बता दें कि मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के चलते नजर आ रहा है। पश्चिमी विक्षोभ 21 मार्च की रात से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र और उत्तर पश्चिम भारत के निकटवर्ती मैदानी इलाकों को प्रभावित करने की संभावना है।