जोधपुर में मृत्युभोज में जुटे 100 से ज्यादा लोग, प्रशासन ने लगाया पच्चीस हजार का जुर्माना

 

जोधपुर में मृत्युभोज में जुटे 100 से ज्यादा लोग, प्रशासन ने लगाया पच्चीस हजार का जुर्माना। फाइल फोटो

जोधपुर के लूणी तहसील के रोहिचा गांव में मृत्यु भोज गंगा प्रसादी के कार्यक्रम में 100 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रशासन ने 25000 रुपये का जुर्माना लगाकर घर के मुखिया को पाबंद किया है।

जोधपुर, संवाद सूत्र।  कोरोना संक्रमण के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के आदेशों की अवहेलना के तहत प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। जोधपुर के लूणी तहसील के रोहिचा गांव में मृत्यु भोज गंगा प्रसादी के कार्यक्रम में 100 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रशासन ने 25000 रुपये का जुर्माना लगाकर घर के मुखिया को पाबंद किया है। मामला जोधपुर जिले के लूणी तहसील क्षेत्र के रोहिचा खुर्द गांव का है। यहां देवासी समाज के एक परिवार में मोसर का भोज कार्यक्रम आयोजित हो रहा था। प्रदेश में मृत्युभोज पर रोक है।  कोविड महामारी के तहत मृत्यु और विवाह समारोह के आयोजन के लिए भी व्यक्ति सीमा निर्धारित की गई है।

इसके अलावा भोज ,समारोह ,आयोजन , कार्यक्रम के लिए पूर्व में स्वीकृति लेना भी आवश्यक है, लेकिन इसके बावजूद लूणी क्षेत्र में लूणाराम देवासी के यहां मौसर गंगा प्रसादी का आयोजन किया गया। इसकी पूर्व स्वीकृति भी नहीं हुई थी। आयोजक टेंट लगाकर कार्यक्रम कर रहे थे। इस पर जिला प्रशासन ने मंगलवार दोपहर में लूणी तहसील के गांव में गंगा प्रसादी पर सौ से ज्यादा लोगों के एकत्र होने पर परिवार के मुखिया पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही नोटिस देकर पाबंद करवाया है। लूणी तहसीलदार नारायण सुथार को सूत्रों से जानकारी मिली कि लूणी के रोहिचा गांव में मौसर में गंगा प्रसादी पर पगड़ी रस्म कार्यक्रम में सौ से ज्यादा लोग जुटे हैं। इस पर लूणी पुलिस को साथ लेकर वे मौसर वाले घर पर पहुंचे। तब निर्धारित संख्या से ज्यादा लोगों को देखने पर परिवार के मुखिया पर 25 हजार का जुर्माना लगाया और पाबंद करवाया गया।