11 अप्रैल से सरकारी और निजी कर्मचारियों को वर्कप्‍लेस पर लगाया जा सकता है टीका

 

कोरोना के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए

कोरोना के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 11 अप्रैल से वर्कप्‍लेस पर भी टीकाकरण अभियान को लॉन्च किया जा सकता है। इसके लिए सावर्जनिक और निजी क्षेत्रों के कार्यस्‍थलों पर कोविड टीकाकरण सत्र आयोजित किया जा सकता है।

नई दिल्‍ली, एएनआइ। कोरोना के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 11 अप्रैल से वर्कप्‍लेस पर भी टीकाकरण अभियान को लॉन्च किया जा सकता है। 45 वर्ष या उससे अधिक के लोगों के बीच पहुंच बढ़ाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। इससे टीकाकरण केंद्रों पर लगने वाली भीड़ कम हो सकती है।इसके लिए सावर्जनिक और निजी क्षेत्रों के कार्यस्‍थलों पर कोविड टीकाकरण सत्र आयोजित किया जा सकता है। इसमें लगभग 100 पात्र और इच्छुक लाभार्थियों को टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए सरकार अनुमति दे सकती है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के सूत्रों से यह जानकारी मिली है। आनंद महिंद्रा, उदय कोटक जैसे कई उद्योगपतियों ने मांग की थी कि 25 वर्ष से अधिक सभी लोगों को टीका लगाया जाए।   

केंद्र ने 45 साल से अधिक उम्र कर्मचारियों से टीका लेने को कहा

केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को प्रभावी तरीके से रोकने के उद्देश्य से 45 साल और इससे अधिक उम्र के अपने सभी कर्मचारियों को कोरोना रोधी टीका लगवाने के लिए कहा है। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कर्मचारियों को टीकाकरण के बाद भी कोरोना से बचाव के दिशा निर्देशों का पालन करने का सुझाव दिया गया है, जिसमें लगातार हाथ धोना, सेनेटाइजेशन, मास्क या फेस कवर पहनना और शारीरिक दूरी बनाए रखना शामिल हैं।

स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स का मौके पर पंजीकरण सिर्फ सरकारी केंद्रों पर

केंद्र सरकार ने कहा है कि कोरना रोधी टीका लगवाने के लिए 18 से 44 साल आयु वर्ग के स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स का सिर्फ सरकारी टीका केंद्रों में ही मौके पर पंजीकरण की सुविधा होगी। ऐसे कर्मचारियों को मूल फोटो पहचान पत्र और नियुक्ति संबंधी प्रमाणपत्र पेश करना होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सोमवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे पत्र में इसकी स्पष्ट जानकारी दे दी थी।

फिलहाल जिसको जरूरत, उसी को दी जाएगी

वैक्सीन देश में 45 साल से कम उम्र के लोगों को भी टीका लगाने की मांग पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि फिलहाल वैक्सीन उन्हीं लोगों को लगेगी, जिनको इसकी जरूरत है। सरकार की प्राथमिकता महामारी से होने वाली मौतों को रोकना है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का अकेला ऐसा देश है, जहां 45 साल और उससे अधिक उम्र के सभी लोगों को टीका लगाया जा रहा है।

सभी देशों में प्राथमिकता वाले समूहों को लगाया जा रहा टीका

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि पूरी दुनिया में सभी देश सबसे पहले प्राथमिकता वाले समूहों का टीकाकरण कर रहे हैं ताकि कोरोना से होने वाली मौतों को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि अभी ब्रिटेन में 50 साल से अधिक, अमेरिका में फ्रंटलाइन और अनिवार्य सेवा से जुड़े वर्कर्स और 75 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन देने के बाद अब 65 से 74 साल के बीच लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। फ्रांस में भी 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के अलावा 50 से 60 साल के बीच गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को टीका लगाया जा रहा है।

टीकाकरण की रफ्तार सबसे तेज

भूषण ने बताया कि देश में टीकाकरण की रफ्तार दुनिया में सबसे तेज है। सिर्फ अमेरिका ऐसा देश है, जहां प्रतिदिन भारत से ज्यादा टीके लगाए जा रहे हैं। लेकिन यहां भारत से एक महीने पहले टीकाकरण शुरू हो गया था। अमेरिका में प्रतिदिन औसतन 30.53 लाख टीके लगाए जा रहे हैं, वहीं भारत में यह संख्या औसत 26.53 लाख है। उन्होंने कहा कि कुल डोज देने के मामले में भी अमेरिका के बाद भारत दूसरे स्थान पर है। अमेरिका में 16 करोड़ 50 लाख से अधिक डोज लगाए जा चुके हैं, वहीं भारत में यह आंकड़ा आठ करोड़ को पार कर चुका है। डॉ. पाल ने कहा कि 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का टीकाकरण पूरा होने के बाद कम आयु वर्ग के लोगों को टीका लगाना शुरू किया जाएगा।