बंद हो सकता है कानपुर का डबल स्टोरी 146 साल पुराना गंगापुल, चार कोठियों में गहरी दरारें

 


अंग्रेजों द्वारा गंगा नदी पर बनवाया गया था अलग तरह का पुल।

कानपुर से लखनऊ जाने वाले मार्ग पर अंग्रेजों द्वारा गंगा नदी पर बनाए गए डबल स्टोरी पुल की कोठियां जर्जर होने से आवागमन खतरनाक हो गया है। पीडब्लूडी के अभियंताओं की टीम ने आइआइटी विशेषज्ञों से स्ट्रेंथ का पता लगाने की बात कही है।

कानपुर। कानपुर को राजधानी लखनऊ से जोड़ने के लिए अंग्रेजों द्वारा शुक्लागंज में बनवाया गया गंगापुल अब बूढ़ा हाे चला है। 146 साल पुराने गंगापुल की दस नंबर कोठी (पिलर) में दो दिन पहले गहरी दरारें आने से अफसर सतर्क हो गए हैं। अब पुल के पिलर की तकनीकी जांच आइआइटी के विशेषज्ञों से कराने और मजबूती का पता लगाने की कवायद की जाएगी। वहीं गंगापुल की बेहद खतरनाक स्थिति को देखते हुए आवागमन को लेकर लोगों में डर और बढ़ गया है। माना जा रहा है कि टीम की रिपोर्ट के आधार पर गंगापुल को बंद किया जा सकता है। 

अपनी तरह का अलग है ये पुल

कानपुर को राजधानी लखनऊ से जोड़ने के लिए गंगा नदी पर अंग्रेजों ने 15 जुलाई 1875 में अलग तरह के पुल का निर्माण कराया था। इससे पहले नाव के जरिये कानपुर के लोग उन्नाव की सीमा पर पहुंचते थे। अंग्रेजों ने गंगा नदी पर डबल स्टोरी पुल का निर्माण कराया था। इसमें ऊपर से अंग्रेजी अफसरों की कारें और घुड़सवार निकलते थे, जबकि इसके नीचे पैदल चलने वालों के लिए रास्ता बनाया गया था। इस पैदल पुल से अंग्रेजी सैनिकों के अलावा अाम जनता नदी को पार करती थी। आजादी के बाद पुल के ऊपर और नीचे दोनों रास्तों पर जनता का आवागमन शुरू हुआ। 24 कोठी (पिलर) वाले इस पुल की लंबाई 815 मीटर और चौड़ाई 5.5 मीटर है।

चार कोठियाें में आई गहरी दरार

पिछले काफी समय से जर्जर चल रहे पुल की कई बार मरम्मत भी कराई जा चुकी है। वर्ष 2013 में इसपर बनी सड़क उखड़ जाने पर दोबारा निर्माण कराया गया था। वहीं वर्ष 2016 में सड़क पर डामर की पतली लेयर बिछाकर मोटरेबल की गई थी। इसके बाद वर्ष 2020 में भी पैच वर्क कराया गया था। अब पुल की कोठियों में दरारें आने से आवागमन पर खतरा मंडराने लगा है। शनिवार को लोगों ने दस नंबर कोठी पर दरार देखी थी। सोमवार को उन्नाव और कानपुर से आई पीडब्लूडी के अभियंताओं की टीम ने शुक्लागंज से उन्नाव तक पुल की कोठियों का जायजा लिया। इस दौरान शुक्लागंज से उन्नाव की ओर कोठी नंबर दो, दस, सत्रह और बाइस जर्जर हालत में मिली हैं। इन कोठियों में गहरी दरारें मिली हैं।

पुल बंद करने की रिपोर्ट, आइआइटी विशेषज्ञों से कराएंगे जांच

पुराने गंगापुल की जांच करने पहुंचे उन्नाव और कानपुर पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं की टीम और एसडीएम उन्नाव सदर ने अपनी रिपोर्ट कानपुर डीएम को दी है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में डीएम से पुल की जर्जर हालत को देखते हुए फिलहाल आवागमन बंद करने की संस्तुति की गई है। वहीं अधिकारियों ने आइआइटी जैसे संस्थान के विशेषज्ञों से सभी 24 कोठियों की जांच करकार स्ट्रेंथ का पता लगाने के लिए जल्द निर्णय करने की भी बात कही है।

जांच टीम में मुकेश चंद्र शर्मा अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड कानपुर, सीपी गुप्ता अधिशासी अभियंता निर्माण खंड भवन कानपुर, केएन ओझा परियोजना प्रबंधक राज्य सेतु निगम व अजय वर्मा अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड उन्नाव और एसडीएम उन्नाव सत्य प्रिय शामिल रहे। अधिशासी अभियंता मुकेश चंद्र शर्मा ने बताया आइआइटी के विशेषज्ञों से पुराने गंगा पुल के हर कोठी का परीक्षण कराकर स्ट्रेंथ का पता लगाया जाएगा। फिलहाल स्थिति को देखते हुए गंगापुल को बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है।