जम्मू कश्मीर में 1873 करोड़ रुपये से मजबूत होगा शिक्षा का बुनियादी ढांचा

 

वर्ष 2021-22 के दौरान पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में शिक्षा क्षेत्र में 523 करोड़ रूपये ज्यादा खर्च किए जाएंगे।

केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र का बुनियादी ढांचा विकसित करने पर मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान सरकार 1873 करोड़ रुपये का निवेेश करने जा रही है। प्रदेश के आतंकवादग्रस्त और पिछड़े क्षेत्रों में 10 नए डिग्री कॉलेजों का बुनियादी ढांचा भी तैयार किया जाएगा।

जम्मू, राज्य ब्यूरो। केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र का बुनियादी ढांचा विकसित करने पर मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान सरकार 1873 करोड़ रुपये का निवेेश करने जा रही है। प्रदेश के आतंकवादग्रस्त और पिछड़े क्षेत्रों में 10 नए डिग्री कॉलेजों का बुनियादी ढांचा भी तैयार किया जाएगा। वर्ष 2021-22 के दौरान पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में शिक्षा क्षेत्र में करीब 523 करोड़ रूपये ज्यादा खर्च किए जाएंगे।

शिक्षा विभाग के अनुसार, मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान पूरे प्रदेश में 245 निर्माण कार्य पूरे किए जाएंगे। इनमें माॅडल स्कूल, कक्षाओं के लिए विभिन्न स्कूलों में नए कमरे, शौचालय और स्मार्ट कक्षाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा आतंकवाद से प्रभावित और पिछड़े इलाकों में 10 नए डिग्री कॉलेजों की इमारतें व अन्य ढांचा भी तैयार किया जाएगा। यह कॉलेज बनिहाल, कुपवाड़ा, गूल, किलौत्रान, माहाैर, कालाकोट, हादीपोरा, सिंगपोेरा, विलगाम और पाडर में हैं। इनके अलावा मौजूदा कॉलेजों में 108 अतिरिक्त कमरे भी बनाएं जाएंगे। इन 10 कॉलेजों में अत्याधुनिक साजो सामान से लैस साइंस लेबाेरेटरी भी बनायी जाएगी। इसके अलावा 1200 क्लास रूम को सूचना प्रौद्योगिकी से लैस स्मार्ट क्लास रूम में भी बदला जाएगा। कॉलेजों में छात्रों को विभिन्न प्रकार के कौशल सिखाए जा सकें, इसके लिए कौशल केंद्र भी प्रत्येक कॉलेज में तैयार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान कौशल दक्षता प्रशिक्षण एसईटी योजना के तहत 10 हजार छात्रों को हुनरमंद बनाने के अलावा पूरे प्रदेश में चिन्हित किए गए 382 प्राथमिक स्कूलों में 19.10 करोड़ की लागत से 382 सीएएल (कंप्यूटर एडिड लर्निंग सेंटर) भी स्थापित किए जाएंगे। हाई व हायर सैकेंडरी स्कूलों में 3.85 करोड़ की लागत से 77 वोकेशनल लैब भी तैयार होंगी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 114.14 करोड़ की लागत से छात्राओं के लिए चिन्हित जगहों पर निर्माणाधीन छात्रावासों का निर्माण कार्य भी इस वर्ष पूरा किया जाएगा। इन पर करीब 114.14 करोड़ रूपये खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष में 40 कस्तूरबा गांधी बालिक विद्यालयों की इमारतें भी तैयार कर ली जाएंगी। इन पर 43.33 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे।

शिक्षा विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश में सरकारी स्कूलों और कॉलेजों का इस वर्ष पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया जाएगा। उनमें पढ़ाई की सभी मौलिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। प्रत्येक जिलाधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस संदर्भ में लगातार फीड बैक प्राप्त कर, उसके आधार पर आगे के काम को बढ़ाया जा रहा है।