मध्य प्रदेश: सीएम शिवराज ने बढ़ते कोविड मामलों पर जताई चिंता, बोले- महीने के अंत तक हो जाएंगे 1 लाख सक्रिय केस

 

सीएम शिवराज ने बढ़ते कोविड मामलों पर जताई चिंता, बोले- महीने के अंत तक हो जाएंगे 1 लाख सक्रिय केस

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इस महीने के अंत तक सक्रिय मामले लगभग 1 लाख बढ़ने की संभावना है। लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें मास्क जरूर लगाएं सुरक्षित दूरी बनाएं और हाथ साफ रखें।

भोपाल, एएनआइ। देश विदेश में कोरोना महामारी ने सभी को परेशान किया है। अब भारत में आई कोरोना की दूसरी लहर ने और देश को चिंता में डाल दिया है। आए दिन देश में नए मामलों के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। वहीं, कई राज्य ऐसे भी हैं, जहां कोविड के मामले तेजी से बढ़ें हैं। इनमें एक मध्य प्रदेश भी है। मध्य प्रदेश सीएम शिवराज सिंह चौहान ने तो यहां तक कहा है कि महीने के अंत तक सक्रिय मामले लगभग 1 लाख बढ़ेंगे। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इस महीने के अंत तक सक्रिय मामले लगभग 1 लाख बढ़ने की संभावना है। लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, मास्क जरूर लगाएं, सुरक्षित दूरी बनाएं और हाथ साफ रखें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हमने हर जिले में एक कोविड केयर सेंटर खोलने का फैसला किया है।

मध्यप्रदेश में कोरोना बेकाबू बना हुआ है। मरीजों की संख्या पिछले दिन के मुकाबले 500 से ज्यादा बढ़ी है। प्रदेश भर में जांचे गए 37,462 सैंपल में से 4882 मरीज मिले हैं। जबकि बुधवार को 4324 मरीज मिले थे। यह पहली बार है जब प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या एक दिन के अंतर में ही 500 से ज्यादा बढ़ी है। श्योपुर, मुरैना और छतरपुर को छोड़ दें तो सभी जिलों में 10 से ज्यादा मरीज मिले। पिछले एक महीने से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बता दें कि मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण दर एक महीने में तीन फीसद से बढ़कर 13 फीसद पर पहुंच गई है।

भारत सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक एक दिन में मिलने वाले नए कोरोना मरीजों की संख्या के मामले में मध्य प्रदेश देश में सातवें स्थान पर है। इसी तरह से सर्वाधिक सक्रिय मरीजों के मामले में भी प्रदेश छठवें पायदान पर है। मध्य प्रदेश में सक्रिय मरीजों की संख्या भी शुक्रवार को 30,486 पर पहुंच गई। इनमें करीब 60 फीसद मरीज होम आइसोलेशन में हैं। बाकी का निजी और सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इलाज करवा रहे मरीजों में नौ फीसद आइसीयू में हैं।