ऑक्सीजन की कमी हुई तो दिल्ली के इस अस्पताल ने कम कर दिए 200 बेड, प्रबंधन बोला ऑक्सीजन बढ़ेगी तो बढ़ेगा बेड

 

ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ने कोरोना से जंग लड़ने में अहम भूमिका निभाई है।

ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ने कोरोना से जंग लड़ने में अहम भूमिका निभाई है। अब वही अस्पताल ऑक्सीजन के लिए मोहताज हो रहा है आलम है कि अस्पताल प्रबंधन को 200 बेड कम करने पड़ गए।

संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ने कोरोना से जंग लड़ने में अहम भूमिका निभाई है। अब वही अस्पताल ऑक्सीजन के लिए मोहताज हो रहा है, आलम है कि अस्पताल प्रबंधन को 200 बेड कम करने पड़ गए। कई भर्ती मरीजों को छुट्टी देकर दूसरे अस्पताल जाने के लिए कह दिया गया। इस अस्पताल में कोरोना की पहली लहर में कोरोना से मरने वाले मरीजों की मृत्यु दर काफी कम थीं। लेकिन अब यहां के हालत उल्ट हैं। नए मरीजों को अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा रहा है।

यह अस्पताल 550 बेड का था। इसमें अधिकतर आइसीयू बेड ही थे। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल का जो ऑक्सीजन का कोटा है उससे कम ही ऑक्सीजन मिल रही है। इतनी ऑक्सीजन मरीजों को पूरी नहीं हो पा रही है। ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। गुरुवार को अस्पताल में ऑक्सीजन की काफी कमी रही, मजबूरी में कई मरीजों की अस्पताल से छुट्टी देकर उन्हें दूसरे अस्पतालों में भेजना पड़ा।

अस्पताल के निदेशक डा. बीएल शेरवाल ने बताया कि अस्पताल का ऑक्सीजन का कोटा छह मीट्रिक टन है। लेकिन अस्पताल में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में पूर्ति नहीं हाे पा रही है। वेंडर की ओर से साढ़े तीन तो कभी चार मीट्रिक टन ऑक्सीजन भेजा जा रहा है। इस कारण अस्पताल में 200 बेड घटाएं गए हैं, 350 बेड के साथ अस्पताल को चलाया जा रहा है। ऑक्सीजन की आपूर्ति ठीक होने पर बेड की संख्या भी बढ़ा दी जाएगी।