दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करेगा पंजाब, राजपुरा में लगेगा 30 टन क्षमता का प्लांट

 

पंजाब के राजपुरा में लगेगा आक्सीजन प्लांट। सांकेतिक फोटो

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण राज्य आक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं। पंजाब अब आक्सीजन को लेकर दूसरे राज्यों पर निर्भरता को खत्म करेगा। राजपुरा में 30 टम क्षमता का आक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है।

चंडीगढ़ । पंजाब अब आक्सीजन के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता को कम करेगा। आइनाक्स कंपनी को राजपुरा के पास आक्सीजन प्लांट लगाने की मंजूरी दी गई है और यहां रोजाना 30 टन आक्सीजन का उत्पादन किया जाएगा। पंजाब के डायरेक्टर इंडस्ट्रीज सिबिन सी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि यह प्लांट रोजाना राज्य की 30 टन आक्सीजन की जरूरत को पूरा करेगा। इसके चालू हो जाने के बाद पंजाब की अन्य राज्यों पर निर्भरता कम होगी।

उधर, आक्सीजन की कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने इंडस्ट्री को दी जाने वाली आक्सीजन पर भी कट लगा दिया है। अब उन्हें जरूरत के अनुसार पहले के मुकाबले 50 फीसद आक्सीजन ही दी जा रही है। शेष सारी आक्सीजन मेडिकल कालेजों व अस्पतालों को शिफ्ट कर दी गई है, ताकि आक्सीजन की कमी के कारण किसी मरीज की जान न जाए।

पंजाब को इस समय हिमाचल प्रदेश के बद्दी प्लांट, हरियाणा के पानीपत और उत्तराखंड के लींडे व सेलाकुई (देहरादून) से 90 टन आक्सीजन की सप्लाई मिलती है। परंतु हरियाणा से होने वाली सप्लाई बाधित हुई है, क्योंकि हरियाणा सरकार ने कहा है कि उनके राज्य में लगे प्लांट पहले राज्य की जरूरत को पूरा करेंगे और उसके बाद ही दूसरे राज्यों को सप्लाई दी जाएगी। पंजाब की सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि लिक्विड आक्सीजन की दोबारा भराई राज्य से बाहर के उत्पादकों की ओर से की जा रही है। इसका बड़ा कारण यह है कि पंजाब में लिक्विड आक्सीजन की भराई के लिए कोई प्लांट नहीं है।

बता दें कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से बुधवार को केंद्रीय सेहत मंत्री डा. हर्षवर्धन को पत्र लिखकर मांग की थी कि पंजाब के दो मेडिकल कालेजों में लगने वाले दो आक्सीजन प्लांट को तुरंत मंजूरी दी जाए।