मध्यप्रदेश: 320 बेड के साथ 20 आइसोलेशन कोच हैं तैयार, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दी जानकारी

मध्यप्रदेश: 320 बेड के साथ 20 आइसोलेशन कोच हैं तैयार

कोविड-19 संक्रमण का प्रकोप देश में इस तरह बढ़ गया है कि अस्पताल के बेड ऑक्सीजन की तो किल्लत हो ही गई है श्मशान में भी जगह शेष नहीं है। हर ओर इस समस्या से समाधान के लिए तैयारियां जारी है।

 भोपाल, प्रेट्र। कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रहे देश में सांस लेने के लिए ऑक्सीजन से लेकर बेड तक की किल्लत है। इसके मद्देनजर भोपाल में रेलवे ने 20 आइसोलेशन कोच तैयार किए हैं। हर ओर संक्रमण से जारी संकट के समाधान के लिए प्रयासों में लोग जुटे हैं। इस क्रम में वेस्ट सेंट्रल रेलवे ने भोपाल स्टेशन पर 20 आइसोलेशन कोच तैनात किया है जो रविवार से काम शुरू करेगा। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार सुबह ट्वीट के जरिए  बताया, 'भारतीय रेलवे द्वारा मध्यप्रदेश के भोपाल में 20 कोविड केयर कोच का इंतजाम किया गया है। इसमें 320 बेड हैं। 25 अप्रैल से यह अपना काम शुरू करेगा।' 

रेल मंत्री ने यह भी बताया कि ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस लखनऊ से बोकारो के लिये चल चुकी है। शीघ्र ही यह ट्रेन भी लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई कर, उत्तर प्रदेश में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। मध्‍य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों से संक्रमण दर में लगातार कमी आ रही है। मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि राज्‍य में रेमडेसिविर इंजेक्‍शन और ऑक्‍सीजन के साथ-साथ सभी आवश्‍यक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति की गई है। गुरुवार को प्रदेश का कोरोना पॉजिटिविटी रेट 24.29 फीसद था, जो शुक्रवार को घटकर 23.76 फीसद हो गया है। वर्तमान में प्रतिदिन 50 हजार से अधिक टेस्ट किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शीघ्र ही ऑक्सीजन के मामले में मध्यप्रदेश आत्म-निर्भर होगा। ऑक्सीजन की आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिये राज्य सरकार द्वारा 2000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदे गए हैं। प्रदेश के 34 जिलों में स्थानीय व्यवस्था से एक हजार से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स लगाए जा चुके हैं। कौंसिल ऑफ़ साइंटिफिक और इंडस्ट्रियल रिसर्च के माध्यम से प्रदेश के 5 जिला चिकित्सालयों भोपाल, रीवा, इंदौर, ग्वालियर और शहडोल में नवीनतम तकनीक आधारित ऑक्सीजन प्लांट्स 1 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से लगाये जा रहे है।