गर्लफ्रेंड से शादी करने के लिए इंजीनियर ने मासूम बच्चे का किया अपहरण, मांगी 40 लाख की फिरौती

 

आरोपित ने अपने मकान मालिक के बेटे का किया था अपहरण

प्रियांशु ने अपने पिता को काल कर बच्चे के अपहरण और फिरौती मांगने की जानकारी दी। साथ ही पिता से कहा कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द पैसे के इंतजाम करने की बात कहें।

नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के रणहौला थाना क्षेत्र में एक इंजीनियर ने अपने मकान मालिक के सात माह के बेटे का अपहरण कर 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने सात घंटे के अंदर मामले को सुलझाते हुए बच्चे को सुरक्षित बरामद कर आराेपित प्रियांशु कुमार को उत्तम नगर से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में आरोपित के पिता ने पुलिस व पीड़ित परिवार का साथ दिया और प्रियांशु को गिरफ्तार कराने में काफी मदद की। प्रियांशु अपनी महिला मित्र के साथ शादी कर घर बसाना चाहता था और इसके लिए उसे पैसे की जरूरत थी।

बच्चे के साथ खेलने का बनाया बहाना

नौ अप्रैल को घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची रणहौला थाना पुलिस को बच्चे की मां शिवी कौशिक ने बताया कि प्रियांशु इसी मकान के दूसरे तल पर पिछले दो महीने से रहता है। साथ ही वे मकान के प्रथम तल पर रहतीं हैं। शिवी ने पुलिस को बताया कि करीब साढ़े ग्यारह बजे सुबह प्रियांशु हमारे घर आया और बच्चे के साथ खेलने की बात कही, लेकिन उस समय बच्चा सोया हुआ था। शिवि ने उसे बाद में आने को कहा लेकिन वह बच्चे के जगने का इंतजार करने लगा। करीब साढ़े बारह बजे बच्चे के जगने के बाद प्रियांशु उसके साथ खेलने लगा।

इस दौरान जैसे ही शिवी किसी काम से कमरे में गईं मौका पाकर प्रियांशु बच्चे को लेकर फरार हो गया। जब शिवी बाहर आईं तो दोनों को नहीं पाकर अपने मकान के हर तल पर ढूंढने गई लेकिन दोनों नहीं मिले। इसके बाद घटना की जानकारी अपने पति सिद्धार्थ कौशिक व पुलिस को दी। फार्मा कंपनी में फार्मासिस्ट सिद्धार्थ ओखला स्थित अपने कार्यालय से तुरंत घर के लिए निकल गए। घर आने के दौरान ही प्रियांशु ने उन्हें काल किया और 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी। साथ ही पुलिस को घटना की जानकारी नहीं देने की धमकी दी।

आरोपित ने पिता को भी किया कॉल

प्रियांशु ने अपने पिता को काल कर बच्चे के अपहरण और फिरौती मांगने की जानकारी दी। साथ ही पिता से कहा कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द पैसे के इंतजाम करने की बात कहें।

पुलिस टीम लगातार सात घंटे तक जुटी रही जांच में

रणहौला थाना में इस बाबत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। बाहरी जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त फर्स्ट सुधांशु धामा के नेतृत्व में टीम बनाई गई। छानबीन के दौरान पता चला कि आरोपित उत्तम नगर से टैक्सी लेकर गाजियाबाद की ओर गया है। तुरंत दो टीम को गाजियाबाद रवाना कर दिया गया। एक टीम को आनंद विहार में पता चला कि एक शख्स नवजात बच्चे के साथ टैक्सी में वसुंधरा की ओर जाता दिखाई दिया है। आरोपित बीच-बीच में अपना मोबाइल स्विच आफ कर देता था। इधर आरोपित की लोकेशन का पता लगाने के लिए उससे लगातार बातचीत जारी रखना जरूरी था। ऐसे में आरोपित के पिता व पीड़ित उसके अकाउंट में समय-समय पर करीब 40 हजार रुपये भी भेज दिए।

इनका मकसद था कि उसे पैसे मिलने को लेकर विश्वास होता रहे, जिससे कि मोबाइल स्विच आफ नहीं करे। इस दौरान वह बार-बार अपना लोकेशन बदल रहा था। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस आरोपित का लगातार पीछा कर रही थी। इसी दौरान लाजवंती चौक पर आरोपित की टैक्सी को रोक लिया और सबसे पहले बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान आरोपित वहां से फरार होने में कामयाब हो गया।

इसके बाद आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश देने लगी। वारदात के सात घंटे के भीतर आरोपित प्रियांशु को उत्तम नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपित ने कानपुर में एक निजी संस्था से बीटेक किया था और साहिबाबाद की एक कंपनी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। आरोपित ने पुलिस को बताया कि पढ़ाई के दौरान ही उसे एक युवती से प्रेम हो गया था। युवती को खुश रखने के लिए उसे समय-समय पर पैसे की जरूरत होती थी। ऐसे में वह शादी कर अपना घर बसाना चाह रहा था।