भामाशाहों की मदद से जोधपुर में बनेगा देश का पहला 'ब्रीथ बैंक', जुटाएंगे 500 ऑक्सीजन जेनरेटर

भामाशाहों की मदद से जोधपुर में बनेगा देश का पहला 'ब्रीथ बैंक', जुटाएंगे 500 ऑक्सीजन जेनरेटर। फाइल फोटो

राजस्थान के जोधपुर में अब श्वास बैंक यानी कि ब्रीथ बैंक बनाए जाएंगे। इसके लिए जोधपुर के भामाशाह ने पहल की है। इस मुहिम के तहत 500 ऑक्सीजन जेनरेटर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे शहर को ऑक्सीजन किल्लत से राहत मिलने की उम्मीद है।

जोधपुर। ब्लड बैंक की तर्ज पर ही राजस्थान के जोधपुर में अब श्वास बैंक यानी कि ब्रीथ बैंक बनाए जाएंगे। इसके लिए जोधपुर के भामाशाह ने पहल की है। इस मुहिम के तहत 500 ऑक्सीजन जेनरेटर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी घोषणा होते ही शहर के भामाशाह बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा ले रहे हैं। भामाशाहो ने पहले ही दिन इस संबंध में 128 ऑक्सीजन जेनरेटर के लिए व्यवस्था भी कर दी है। बैंक के शीघ्रता शीघ्र मूर्त रूप लेते ही कोरोना के विकट समय में शहर को ऑक्सीजन किल्लत से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। जोधपुर के शिक्षाविद और भारत विकास परिषद से संबंध रखने वाले समाजसेवी निर्मल गहलोत उत्कर्ष के द्वारा शहर में ऑक्सीजन किल्लत के मद्देनजर यह विचार आया और उन्होंने ऑक्सीजन सुविधा के मद्देनजर ब्लड बैंक ,प्लाज्मा डोनेट बैंक की तर्ज पर ब्रीथ बैंक यानि श्वास बैंक स्थापना का मानस बनाया।

निर्मल गहलोत द्वारा मुहिम में शहर के अन्य भामाशाह और स्वयंसेवी संस्थाओं मेंं भी रुचि दिखाई है। जोधपुर शहर के लिए 500 ऑक्सीजन जेनरेटर लगाने का निर्णय किया गया है। निर्मल गहलोत के अनुसार, देश के अन्य शहरों में ऑक्सीजन किल्लत को देखते हुए जोधपुर के संदर्भ में श्वास बैंक शुरू करने का विचार आया। ऑक्सीजन जेनरेटर आधारित यह किट इजी टू यूज है। प्रति मिनट इस ऑक्सीजन जेनरेटर से पांच लीटर ऑक्सीजन बनती है। इस ऑक्सीजन जेनरेटर को सामान्य व्यक्ति आसानी से उपयोग भी कर सकता है। निर्मल गहलोत की इस मुहिम से जुड़ी केवल यह संस्थान की निदेशक निशा राठौड़ ने इस पहल का स्वागत किया है और अन्य भामाशाह से भी इस मुहिम में जुड़नेे की अपील की है। अभी तक तकरीबन तीन दर्जन से अधिक लोग इस स्वाश बैंक की मुहिम में भागीदार बन चुके हैं।

दूर होगी किल्लत

ऑक्सीजन जेनरेटर के स्थापित होने से कोरोना के इस भयावह समय में ऑक्सीजन की किल्लत दूर होगी। लगातार ऑक्सीजन की कमी और बड़ी खपत के कारण जोधपुर के अस्पतालों को भी ऑक्सीजन की कमी से जूझना पड़ रहा है, जिसका असर मरीजों पर और उनके परिजनों पर पड़ता है। ऐसे में ऑक्सीजन जेनरेटर मशीनों के स्थापित होने से अस्पतालों में भी इससे राहत मिलेगी साथ ही, से वृद्धा आश्रम और आवश्यकता होने पर अन्य स्थानों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

आगे आए कई भामाशाह

निर्मल गहलोत ने इस मुहिम की पहल करते हुए अपनी ओर से 25 ऑक्सीजन जेनरेटर मशीन खरीदने का निर्णय किया है। इस मुहिम की चर्चा शहर के अन्य भामाशाह से करने के साथ ही जोधपुर में पहले ही दिन स्वयंसेवी संस्थाओं और व्यक्तिगत स्तर पर लोगों ने बढ़-चढ़कर इस पहल का स्वागत किया है और अपनी ओर से भागीदारी देने का फैसला किया है। जोधपुर की जनता की सेवा की भावना से आगे आए इन भामाशाह ने पहले ही दिन 128 मशीनों की खरीद जितनी राशि जुटा ली है। गहलोत ने विश्वास व्यक्त किया है कि आगामी 10 दिनों में यह 500 का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा और एक पखवाड़े के भीतर जोधपुर को ऑक्सीजन जेनरेटर समर्पित कर दिए जाएंगे।