कोरोना काल में दिल्ली नगर निगमों के खाते खाली, केजरीवाल सरकार से मांगा 50 फीसद एडवांस अनुदान


दिल्ली सरकार से फंड जारी करने की मांग

उत्तरी निगम के महापौर जय प्रकाश ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है। जिसमें तुरंत प्रभाव से 460 करोड़ रुपये देने की मांग की है। निगम ने दस दिन के भीतर तीन बढ़े अस्पतालों को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए तैयार किया है।

नई दिल्ली। कोरोना संकट में निगमों की भी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है। आलम यह है कि निगमों के पास अभी संसाधन जुटाने तक का फंड नहीं है। निगम विभिन्न कंपनियों को टेंडर के जरिए संसाधन जुटा रहे हैं, लेकिन अभी उनका भुगतान नहीं हो रहा है। कई जगह पर उधारी पर काम चल रहा है। इसको देखते हुए निगमों ने पहली तिमाही का फंड जो कि अक्सर मई माह के शुरुआत में आता है उसको निगम ने जल्द जारी करने की मांग दिल्ली सरकार से की है। इसके साथ ही बढ़ते हुए खर्च को देखते हुए दूसरी तिमाही का 50 फीसद अतिरिक्त पहली तिमाही में भी जारी करने का अनुरोध किया है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली के तीनों नगर निगम (पूर्वी-उत्तरी और दक्षिणी) खराब आर्थिक हालातों से जूझ रहे हैं। आलम यह है कि निगम वेतन भी समय से जारी नहीं कर पा रहे हैं। दक्षिणी निगम की स्थिति पहले ठीक थी लेकिन अब उसकी भी हालत खस्ता हो चली है। यही वजह है कि तीन दिन पहले ही अधिकारियों को मार्च माह का वेतन मिला है। स्थिति इतनी खराब है कि अगले माह का वेतन का इंतजाम कैसे होगा यह अधिकारियों को नहीं पता। वहीं, उत्तरी निगम में वेतन का संकट बरकरार है।

दक्षिणी निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोरोना संकट में सैनिटाइजर से लेकर, कोरोना प्रोटोकाल से जुड़ी वस्तुएं खरीदने का खर्चा बढ़ गया है। ऐसे में संसाधनों की कोई कमी न हो तो पहले से स्टाक करके रखना होगा। क्योंकि लगातार वस्तुओं की मांग बढ़ रही है। संक्रमण और बढ़ा तो ज्यादा संसाधनों की आवश्यकता होगी। इसलिए हमने दिल्ली सरकार पहली तिमाही के साथ दूसरी तिमाही का 50 फीसद अनुदान भी एडवांस में देने का आग्रह किया है।

वहीं, उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने इस संबंध में पत्र लिखकर तुरंत प्रभाव से फंड जारी करने की मांग की है। उत्तरी निगम ने 460 करोड़ रुपये देने की मांग की है। जिसमें 199 करोड़ रुपये बीटीए (बेसिक टैक्स एसाइनमैंट), 169.50 करोड़ रुपये शिक्षा विभाग में वेतन के लिए तो 37.50 करोड़ रुपये स्वास्थ्य विभाग के वेतन के लिए और स्वच्छता कर्मचारियों के वेतन के लिए 54.20 करोड़ रुपये की मांग की है। गौरतलब है कि निगमों एक वित्तीय वर्ष में तीन किश्तों में अनुदान मिलता है। इसमें पहली किश्त कुल अनुदान का 25 फीसद होती है वहीं दूसरी किश्त 50 तो तीसरी किश्त 25 फीसद होती है।

उत्तरी निगम के महापौर जय प्रकाश ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है। जिसमें तुरंत प्रभाव से 460 करोड़ रुपये देने की मांग की है। निगम ने दस दिन के भीतर तीन बढ़े अस्पतालों को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए तैयार किया है। ऐसे में संसाधनों को जुटाने व कर्मियों को वेतन देेने के लिए फंड की आवश्यकता है।

स्थायी समिति के चेयरमैन राजदत्त गहलोत ने कहा कि विभाग ने बीते एक सप्ताह में तीन पत्र लिखे हैं। चूंकि कोरोना के बढ़ते संक्रमण में संसाधनों को जुटाने के लिए फंड की जरुरत हैं। मेरी मुख्यमंत्री से अपील है कि निगम को आपातकालीन स्थिति में फंड जारी करें।