दिल्ली दंगा में हुई थी मात्र एक महिला की मौत, कोर्ट में 6 लोगों पर आरोप तय

 

बुजुर्ग अकबरी बेगम दंगे में मरने वाली एकमात्र महिला महिला थीं

आरोपित अरुण कुमार और वरुण कुमार पर साक्ष्यों को नष्ट करने का आरोप भी तय किया है। कोर्ट ने कहा कि आरोप तय करने के लिए आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। आरोपों के बारे में आरोपितों को विस्तार से बताया जा चुका है।

नई दिल्ली। दिल्ली दंगे के दौरान भजनपुरा इलाके के एक घर में दंगाइयों ने आग लगा दी थी। जिसमें घर के अंदर फंसी बुजुर्ग असगरी बेगम की मौत हो गई थी। इस मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने छह आरोपितों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में आरोप तय किए हैं। सभी आरोपितों ने खुद को बेगुनाह बताते हुए ट्रायल की मांग की है। अब इस मामले में 26, 27 और 29 अप्रैल को अभियोजन पक्ष की तरफ से गवाह पेश किए जाएंगे। बता दें कि असगरी बेगम दंगे में मरने वाली एकमात्र महिला थीं।

गत वर्ष 25 फरवरी को दंगाइयों ने भजनपुरा गामड़ी रोड गली नंबर-तीन स्थित मुहम्मद सईद सलमानी के घर पर धावा बोल दिया था। आठ लाख रुपये व जेवर लूटने के बाद दंगाइयों ने उनके घर में आग लगा दी थी। उस दौरान वह दूध लेने गए हुए थे। घर पर उनकी 85 वर्षीय मां अकबरी बेगम, बच्चे व कर्मचारी समेत दस लोग थे। बुजुर्ग होने के कारण अकबरी भाग नहीं पाईं। बाकी लोग घर की छत पर चले गए थे। धुएं से अकबरी का दम घुट गया और उनकी मौत हो गई थी। वह काफी जल भी गई थीं।

इस मामले में मुहम्मद सईद सलमानी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें अरुण कुमार, वरुण कुमार, विशाल सिंह उर्फ पवन, रवि कुमार उर्फ अमित, प्रकाश चंद उर्फ नीतू और सूरज सिंह उर्फ तेली को आरोपित बनाया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव की कोर्ट ने इन सभी आरोपितों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैर कानूनी समूह बनाने, दंगा करने, घातक हथियारों का उपयोग करने, डकैती के साथ हत्या करने, नष्ट करने के इरादे से घर में आग लगाने और हमला करने का आरोप तय किया है।

इसके अलावा आरोपित अरुण कुमार और वरुण कुमार पर साक्ष्यों को नष्ट करने का आरोप भी तय किया है। कोर्ट ने कहा कि आरोप तय करने के लिए आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। आरोपों के बारे में आरोपितों को विस्तार से बताया जा चुका है। सभी आरोपित आरोपों को अस्वीकार करते हुए ट्रायल की मांग कर रहे हैं।