सेना को मिली बड़ी कामयाबी, 72 घंटों में एजीयूएच-अलबदर कमांडरों सहित 12 आतंकी ढेर

 

अनंतनाग जिले के बिजबेहाड़ा क्षेत्र के सेमथान गांव में भी शनिवार जारी मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 2आतंकियों को मार गिराया।

डीजीपी दिलबाग सिंह ने भी 72 घंटे के भीतर चार अलग-अलग मुठभेड़ों में 12 आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि ये आतंकी अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीयूएच) अल-बद्र लश्कर-ए-तैयबा व द रजिस्टेंस फ्रंट के थे।

श्रीनगर। कश्मीर मेंं आतंकवादियों के खिलाफ शनिवार से शुरू किया गया सुरक्षाबलों का अभियान अखिरकार समाप्त हो गया। जिला शोपियां के चित्रीगाम व जिला अनंतनाग के बिजबिहाड़ा इलाकों में गत शनिवार से जारी मुठभेड़ आज रविवार को पांच आतंकियों की मौत के साथ समाप्त हो गई। सुरक्षाबलों ने जिला शोपियां में अल-बदर के जिला कमांडर समेत तीन जबकि बिजबिहाड़ा में दो आतंकवादियों को मार गिराया। शोपियां में मारे गए आतंकवादियों में 14 वर्षीय आतंकी भी शामिल था।

आइजीपी विजय कुमार ने बताया कि बिजबिहाड़ा में मारे गए दोनों आतंकियों ने ही गत दिनों टेरिटोरियल आर्मी के जवान मोहम्मद सलीम अखून को शहीद किया था। दो दिनों के भीतर ही सुरक्षाबलों ने उनकी शहादत का बदला ले लिया। ये दोनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा व द रजिस्टेंस फ्रंट से जुड़े हुए थे। इनकी पहचान तौसीफ अहमद भट पुत्र मोहम्मद रमजान निवासी टाकिया मकबूल शाह बिजबेहाड़ा और आमिर हुसैन गनई पुत्र अब्दुल रशीद निवासी गौरीवन बिजबिहाड़ा के तौर पर हुई है। तौसीफ वर्ष 2017 से जबकि आमिर 2018 से कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में सक्रिय था। आतंकवादियों के शवों व उनसे बरामद हथियारों को अपने कब्जे में लेने के बाद सुरक्षाबलों ने दोनों ऑपरेशन के समाप्त होने की घोषणा की।

वहीं पिछले तीन दिनों की बात करें तो कश्मीर घाटी में आतंकवाद के खिलाफ अभियान चला रहे सुरक्षाबलों ने अब तक 12 आतंकियों को मार गिराया है। इससे पूर्व जान मोहल्ला शोेपियां में वीरवार की शाम से शुक्रवार सुबह तक चली मुठभेड़ में पांच आतंकी मारे गए जबकि नौबुग त्राल में शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में दो, आज शोपियां में तीन व अनंतनाग में 2 आतंकियों को मार गिराया गया है।

वहीं डीजीपी दिलबाग सिंह ने भी 72 घंटे के भीतर चार अलग-अलग मुठभेड़ों में 12 आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि ये आतंकी अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीयूएच), अल-बदर, लश्कर-ए-तैयबा व द रजिस्टेंस फ्रंट के थे।

वहीं आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने जम्मू-कश्मीर पुलिस व सुरक्षाबलों को इस सफलता के लिए बधाई दी है। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकियों को बार-बार आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया। उन्हें मनाने के लिए उनके परिजनों की मदद भी ली गई परंतु वे नहीं माने। लिहाजा उन्हें मार गिराया गया।

शनिवार से जारी शोपियां के चित्रीगाम कलां मुठभेड़ के शुरू होने के एक घंटे के भीतर ही एक आतंकवादी को मार गिराया गया था। दो अन्य आतंकी भी सुरक्षाबलों के घेरे में थे। अंधेरा होने की वजह से आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ को सुबह होने तक टालने का निर्णय लिया। इस बीच सुरक्षा घेरे को और मजबूत कर दिया गया। सुरक्षाबलों को पता चला कि घेराबंदी में फंसे हुए आतंकियों में एक 14 साल का आतंकी फैसल गुलजार गनई भी है। यह लड़का कुछ ही दिन पहले घर से भाग कर आतंकियों से जा मिला था। सुरक्षाबलों ने तुरंत उसके परिजनों को बुलाया और उसे साथियों सहित आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। सैन्य सूत्रों का कहना है कि पहले तो फैसल आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार हुआ परंतु उसके साथ मौजूद अलबदर कमांडर आसिफ शेख ने उसे ऐसा करने से रोक दिया।

आज तड़के एक बार फिर सुरक्षाबलों ने फैसल के परिजनों को उसे आत्मसमर्पण करने के लिए मनाने का मौका दिया परंतु इस बार फैसल ने ही इससे इंकार कर दिया। दोनों ओर से जारी गोलीबारी के बीच सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकियों को ढेर कर दिया। मारे गए तीनों आतंकियों की पहचान अलबदर का जिला कमांडर आसिफ अहमद गनी निवासी चित्रीग्राम कलन शोपियां, 14 वर्षीय आतंकी फैसल गुलजार गनी निवासी चित्रीगाम कलन और उबैद अहमद निवासी गनोवपोरा शोपियां के रूप में हुई है। हालांकि अधिकारिक तौर पर पुलिस ने मारे गए आतंकियों की पहचान जाहिर नहीं की है।