अफगान सेना की चौकी पर हमले में पांच तालिबानी आतंकी मारे गए, 8 घायल

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तालिबान आतंकवादियों (Taliban militants) ने धमकी दी है

अफगानिस्तान के बादशाहान प्रांत में शाहर-ए-बोजोर्ग जिले में शनिवार रात एक अफगान सेना की चौकी पर हमले में पांच तालिबानी आतंकी मारे गए और आठ अन्य घायल हो गए। यह जानकारी अफगानिस्तान के टोलन्यूज के हवाले से प्रांतीय पुलिस ने दी।

 काबुल, एएनआइ। अफगानिस्तान के बादशाहान प्रांत में शाहर-ए-बोजोर्ग जिले में शनिवार रात एक अफगान सेना की चौकी पर हमले में पांच तालिबानी आतंकी मारे गए और आठ अन्य घायल हो गए। यह जानकारी अफगानिस्तान के टोलन्यूज के हवाले से प्रांतीय पुलिस ने दी।

ज्ञात हो कि तालिबान आतंकवादियों (Taliban militants) ने धमकी दी है कि यदि पहली मई तक अफगानिस्तान से विदेशी सैनिक नहीं हटाए जाते हैं तो वे उन पर फिर से हमला शुरू कर देंगे। आतंकी संगठन कहा है कि लंबे समय तक युद्ध, अनगिनत मौत और विनाश की सारी जिम्मेदारी उन पर होगी जिन्होंने, इसका उल्लंघन किया है।

माना जा रहा है कि तालिबान (Taliban militants) ने यह धमकी सीधे अमेरिका को दी है। यह धमकी ऐसे समय दी गई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि एक मई तक अफगानिस्तान से सैनिकों की वापसी करना अमेरिका के लिए कठिन होगा। हालांकि,  उन्होंने इस साल 11 सितंबर तक सभी अमेरिकी सैनिकों को युद्धग्रस्त अफगानिस्तान से वापस बुला लेने की योजना बनाई है। अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी सेना 9/11 की 20वीं बरसी पर अफगानिस्तान छोड़ेगी।कार्ड संख्या में पहुंचे पर्वतारोही, नहीं टूटा हौसला

बताते चलें कि 2001 के 11 सितंबर को अमेरिका में ट्विन टावर पर हमला हुआ था। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने तालिबान से बातचीत के बाद अमेरिकी सैनिकों के वापस आने की तारीख एक मई निर्धारित की थी। फरवरी 2020 में ट्रंप प्रशासन और तालिबान के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें हमला रोकने और अफगान सरकार के साथ शांति वार्ता शुरू करने का फैसला हुआ था। बदले में अमेरिका ने अपने सैनिकों को मई 2021 तक अपने सैनिकों की पूर्ण वापसी का आश्वासन दिया था।

तालिबान ने खारिज किया प्रस्ताव

तालिबान ने अफगानिस्तान में शांति बहाली और वहां से अमेरिकी सैनिकों की वापसी में कुछ महीने विलंब के अमेरिकी प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। तालिबान की वाइस आफ जिहाद वेबसाइट पर जारी संदेश में कहा गया है कि यदि अमेरिकी सेना ने पूर्व निर्धारित तारीख तक अफगानिस्तान नहीं छोड़ा तो उन पर फिर हमले शुरू कर दिए जाएंगे।