सुप्रीम कोर्ट के अनेेकों स्टाफ हुए कोरोना संक्रमित, 9 माह बाद दोबारा अपने घरों से सुनवाई करेंगे जज

 

सुप्रीम कोर्ट में घातक कोरोना वायरस का हमला, 50 फीसद से अधिक कर्मचारी संक्रमित

कोविड-19 के दूसरे लहर ने देश के शीर्ष अदालत को चपेट में ले लिया। यहां के अनेकों स्टाफ संक्रमित हो गए हैं जिसके बाद परिसर को सैनिटाइज किया जा रहा है और आज कोर्ट का काम एक घंटे की देरी से शुरू किया जाएगा।

 नई दिल्ली, एएनआइ। सुप्रीम कोर्ट के अनेकों कर्मचारी कोविड-19 संक्रमण की चपेट में हैं। फिर से संक्रमण के इतने अधिक मामलों के मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट के सभी जज सोमवार को अपने-अपने घरों से मामलों की सुनवाई करेंगे। इसके मद्देनजर संक्रमण के मामले सामने आने के बाद कोर्ट रूम सहित पूरे कोर्ट परिसर को सैनिटाइज किया जा रहा है इसलिए आज सभी बेंच निर्धारित समय से एक घंटा देरी से अपना काम शुरू करेंगी। इसके तहत सुबह के 10.30 बजे से बैठने बाली जजों की बेंच सुबह के 11.30 से बैठेगी  और जो बेंच सुबह के 11 बजे से बैठने वाली थी वह दोपहर 12 बजे से अपना काम शुरू करेगी।

कोर्ट की ओर से जारी नोटिस के अनुसार जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस अशोक भूषण की स्पेशल बेंच सुबह 10.30 बजे से अपना काम शुरू करने वाली थी जो एक घंटा देर से अपना काम शुरू करेगी।  इसके अलावा मामलों का फिजिकल (भौतिक) मेंसन फिलहाल निलंबित कर दिया गया है, हालांकि वर्चुअल माध्यम से मेन्सनिंग जारी रहेगा।

देश के कई राज्यों में कोरोना वैक्सीन के स्टॉक खत्म होने की बात सामने आई है। हालांकि सरकार की ओर से भारत में कोविड-19 संक्रमण के तेजी से बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए स्पूतनिक V (Sputnik V) समेत इस साल की तीसरी तिमाही के अंत तक पांच और वैक्सीन के लाने पर विचार किया जा रहा है। इनमें स्पूतनिक V, बायोलॉजिकल ई द्वारा विकसित जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन, सीरम इंडिया की नोवावैक्स वैक्सीन, जायडस कैडिला वैक्सीन और भारत बायोटेक की इंट्रानसल वैक्सीन है। कोविड-19 संक्रमण के दूसरी लहर के चपेट में पूरा देश है। यहां हर रोज आने वाले संक्रमितों का आंकड़ा डेढ़ लाख के पार चला गया है। इसके बाद अब तक देश में कुल संक्रमण के मामलों की संख्या 1,33,58,805 हो गई है।  सरकार की ओर से हालात को नियंत्रण में लेने के लिए वीकेंड लॉकडाउन से लेकर नाइट कर्फ्यू समेत कई पाबंदियां लागू की जा रही है।