कुंभ से लाैटे 95 लोगों का नियमित रूप से लिए लिया स्वास्थ्य ब्योरा : पीयूष मोहान्ति

 

दक्षिण-पश्चिमी जिले में एसडीएम हेडक्वार्टर पीयूष मोहान्ति। फाइल फोटो।

दक्षिण-पश्चिमी जिले में एसडीएम हेडक्वार्टर पीयूष मोहान्ति ने बताया कि जिले के अंदर 95 लोग ऐसे हैं जो कुंभ से लौटे हैं और सभी घरों में आइसाेलेट हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी लोग होम आइसोलेशन के नियम का ईमानदारी से पालन कर रहे हैं।

नई दिल्ली। कुंभ से लौटे दिल्ली के कुछ लोगों में संक्रमित होने की संभावना अधिक है, ऐसे में फिलहाल सभी 14 दिनों के लिए होम आइसोलेशन में रह रहे हैं। दक्षिण-पश्चिमी जिले में एसडीएम हेडक्वार्टर पीयूष मोहान्ति ने बताया कि जिले के अंदर 95 लोग ऐसे हैं जो कुंभ से लौटे हैं और सभी घरों में आइसाेलेट हैं।

होम आइसोलेशन के नियम का हो रहा पूरी तरह पालन

उन्होंने बताया कि ये सभी लोग होम आइसोलेशन के नियम का ईमानदारी से पालन करें इसके लिए सिविल डिफेंस वालेंटियर्स की टीम नियमित रूप से औचक निरीक्षण कर रही है। इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर काउंटर पर बैठी टीम सभी 95 लोगों से नियमित रूप से संपर्क कर उनके स्वास्थ्य का ब्योरा ले रही है, ताकि कोई भी स्वस्थ्य संबंधी परेशानी होने पर उन्हें तुरंत सुविधा मुहैया कराई जा सके।

बेड की कमी को किया जा रहा दूर

इसके अलावा कोरोना संक्रमण रूपी संकट से उभरने के लिए आरडब्ल्यूए व एक-एक स्वास्थ्य कर्मचारी की मदद ली जा रही है। अस्पतालों में बेड की कमी को महसूस करते हुए होटल, बैंक्वेट हाल व निगम स्कूलों में आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की जा रही है।

यहां शुरू की गई बेड सुविधा

द्वारका सेक्टर-9 स्थित डीडीए सामुदायिक भवन में दस बेड की व्यवस्था की गई है और इन्हें मणीपाल अस्पताल के साथ संबद्ध किया गया है। इसके अलावा 13 निगम स्कूलों में 390 बेड की व्यवस्था की जा रही है। द्वारका की पांच सोसाइटियों में भी आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ मिलकर आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की जा रही है। इसमें द्वारका सेक्टर-14 स्थित राधिका अपार्टमेंट, द्वारका सेक्टर-3 स्थित हेरिटेज सोसाइटी, द्वारका सेक्टर-9 स्थित गणपति अपार्टमेंट, द्वारका सेक्टर-12 स्थित गंगोत्री अपार्टमेंट व द्वारका सेक्टर-6 स्थित वसुंधरा अपार्टमेंट शामिल है। अच्छी बात यह है कि द्वारका की कई अन्य सोसाइटियों ने भी अपने यहां आइसोलेशन सेंटर बनाने का प्रशासन को आवेदन दिया है, ताकि वे प्रशासन के साथ मिलकर कोरोना को हराने में अपना योगदान दे सकें। कई सेवानिवृत्त चिकित्सक भी मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे हैं।