असम में रिजल्‍ट से पहले सियासत तेज, कांग्रेस ने अपने सहयोगी दल AIUDF के विधायक प्रत्याशियों को जयपुर किया शिफ्ट

 

कांग्रेस ने अपने सहयोगी दल एआईयूडीएफ के विधायक प्रत्याशियों को जयपुर शिफ्ट किया है।

अपने सहयोगी दल एआईयूडीएफ के विधायक प्रत्याशियों को जयपुर शिफ्ट किया है। सूत्र बताते हैं कि करीब डेढ़ दर्जन नेता जयपुर पहुंचे हैं। इन सभी को एयरपोर्ट से फेयर माउंट होटल ले जाया जा रहा है। इन नेताओं में कुछ पूर्व विधायक भी शामिल हैं।

जयपुर। कांग्रेस ने अपने सहयोगी दल एआईयूडीएफ के विधायक प्रत्याशियों को जयपुर शिफ्ट किया है।  सूत्र बताते हैं कि करीब डेढ़ दर्जन नेता जयपुर पहुंचे हैं। इन सभी को एयरपोर्ट से फेयर माउंट होटल ले जाया जा रहा है। इन नेताओं में कुछ पूर्व विधायक भी शामिल हैं। इनमें मुख्य सचेतक महेश जोशी और रफीक खान भी साथ हैं। असम में एआईयूडीएफ क्षेत्रीय दल है जिसके साथ कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था। 

कांग्रेस ने कही यह बात 

इस सियासी घटनाक्रम पर राजस्‍थान विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि हम यहां आने वाले लोगों का ख्याल रखेंगे। हम उनकी पार्टियों को नहीं जानते हैं और यह भी नहीं जानते हैं कि वे लोग यहां क्यों आए हैं। वे करीब 20 लोग हैं। कांग्रेस इन लोगों का खर्च उठाएगी। जब तक केंद्र में भाजपा की सरकार है विधायकों की खरीद फरोख्‍त की संभावना रहेगी।  

बदरुद्दीन बोले- नहीं जानता कितने लोग गए बाहर 

इस बीच AIUDF के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि दो तारीख को हमारी सरकार आएगी। जिन लोगों को हॉर्स ट्रेडिंग करने की आदत है वह करेंगे लेकिन इस बार हॉर्स ट्रेडिंग उस तरफ से नहीं हमारी तरफ से होगी। हमारे लोग कितने बाहर जा रहे हैं, मुझे इस बारे में कुछ भी पता नहीं है। भाजपा के विधायकों ने अभी हमसे संपर्क नहीं किया है। मैं झूठ नहीं बोलूंगा लेकिन वह करेंगे। जिस दिन हमारी सरकार आएगी भाजपा के विधायक हमसे संपर्क करेंगे। 

इसलिए उठाया कदम 

एआईयूडीएफ ने 20 सीटों पर कांग्रेस के सहयोगी दल के तौर पर उम्मीदवार उतारे थे। मालूम हो कि असम में मतदान संपन्न हो गया है और नतीजों का इंतजार है। मतगणना से पहले ही कांग्रेस की यह कवायद अप्रत्‍याशित मानी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने जोड़-तोड़ की राजनीति से बचने के लिए यह कदम उठाया है। कांग्रेस को आशंका है कि यदि नतीजों में बहुमत के आंकड़े को पाने के लिए उसके विधायकों के साथ खरीद फरोख्‍त की जा सकती है। 

दो मई तक जयपुर में ही रहेंगे

सूत्रों ने यह भी बताया कि ये सभी प्रत्याशी मतगणना के दिन यानी दो मई तक जयपुर में ही रहेंगे। दो मई को चुनाव के नतीजे आने के बाद इन सभी की असम वापसी होगी। हाल ही में वोटिंग से महज कुछ दिन पहले ही बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के उम्मीदवार रंगजा खुंगूर बासुमतरी ने पार्टी छोड़ दी थी और भाजपा का दामन थाम लिया था। बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट यानी बीपीएफ ने बासुमतरी को तामुलपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। 

82.04 फीसद हुआ है मतदान

मालूम हो कि असम में तीन चरणों में चुनाव हुए हैं। निर्वाचन आयोग के मुताबिक असम की 126 विधानसभा सीटों पर तीन चरणों में हुए चुनावों में कुल 82.04 फीसद मतदान दर्ज किया गया। बीते मंगलवार को अंतिम चरण में सबसे अधिक 85.20 फीसद मतदान दर्ज किया गया था। एक अप्रैल को दूसरे चरण में 80.96 फीसद जबकि पहले चरण में 79.33 फीसद मतदाताओं ने वोट डाले थे।