दिल्ली रोजी-रोटी अधिकार अभियान की याचिका पर अरविंद केजरीवाल सरकार को मिला नोटिस

 

दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी सरकार (दिल्ली सरकार) को नोटिस जारी किया है।

दिल्ली सरकार को निर्देश दिया जाए कि सरकार मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना (एमएमसीएसवाई) या गरीब और जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए बनाई किसी अन्य योजना के तहत सूखा राशन प्रदान करने की अपनी योजना को फिर से शुरू कर दे।

नई दिल्ली, एएनआइ। 'दिल्ली रोजी-रोटी अधिकार अभियान' की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी सरकार (दिल्ली सरकार) को नोटिस जारी किया है। संगठन की ओर से दायर याचिका में सभी को मुफ्त पका भोजन उपलब्ध कराने के लिए भूख राहत केंद्रों की बहाली की मांग की गई है। 'दिल्ली रोजी-रोटी अधिकार अभियान'  की ओर से याचिका दायर कर गुहार लगाई है कि दिल्ली सरकार को निर्देश दिया जाए कि सरकार मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना (एमएमसीएसवाई) या गरीब और जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए बनाई किसी अन्य योजना के तहत सूखा राशन प्रदान करने की अपनी योजना को फिर से शुरू कर दे। इससे गरीब लोग राष्ट्रीय राजधानी में जारी किए गए ताजा प्रतिबंधों और कोरोना महामारी के कारण भूखे न रहें और उनको राशन मिल पाए।

दिल्ली सरकार ने आगामी 26 अप्रैल की सुबह 6 बजे दिल्ली में पूर्ण लाॅकडाउन की घोषणा की है। ऐसे में कुछ लोगों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अधिवक्ता प्रसन्ना एस की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर और दिल्ली सरकार द्वारा जारी किए गए ताजा प्रतिबंधों को देखते हुए याचिकाकर्ता ने जीएनसीटीडी को एक पत्र लिखा था। इसमें कहा गया है कि दिल्ली सरकार जरूरतमंदों को बेघर आश्रय और राहत केंद्रों के माध्यम से मुफ्त गर्म पका भोजन मुहैया कराए और पीडीएस प्रणाली को सार्वभौमिक बनाते हुए उन सभी को राशन प्रदान किया जाए,जिनको खाद्य सुरक्षा की आवश्यकता है,भले ही उनके पास राशन कोर्ड हो या ना हो।

इसी के साथ आग्रह किया गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्य सुरक्षा के प्रावधानों को इस संकट के समय बिना किसी व्यवधान के लागू रखा जाए, जिनमें मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम), एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) और आंगनवाड़ी के जरिए गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए गर्म पका भोजन उपलब्ध करवाना शामिल है।