रोहतक में पैसेंजर ट्रेन में लगी आग, आग की लपटों से घिरे तीन डिब्‍बे, फायर बिग्रेड की गाडि़यां बुझाने में जुटी

 


रोहतक में दिल्‍ली के लिए जाने वाले पैसेंजर ट्रेन में आग लग गई

पैसेंजर ट्रेन में आग लग गई। ट्रेन के 3 डिब्बे बुरी तरह जल गए। ट्रेन यार्ड में खड़ी थी और इसे चार बजे दिल्‍ली के लिए रवाना होना था। सूचना मिलने के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां आग बुझाने के लिए पहुंची।

रोहतक। रोहतक में पैसेंजर ट्रेन में आग लग गई। ट्रेन के 3 डिब्बे बुरी तरह जल गए। ट्रेन यार्ड में खड़ी थी और इसे चार बजे दिल्‍ली के लिए रवाना होना था। सूचना मिलने के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां आग बुझाने के लिए पहुंची। जब तक आग पर काबू पाया जाता तब तक काफी नुकसान हो चुका था। गनीमत रही कि आग लगने के दौरान ट्रेन में यात्री नहीं थे। आग लगने के कारणों का पता किया जा रहा है। 04453 नंबर की गाड़ी 12 बजे दिल्ली से रोहतक आयी थी और शाम 4 बजे दिल्ली जाना था।

दिल्ली से आने के बाद ट्रेन कुछ देर तक प्लेटफार्म पर खड़ी रही। इसके बाद ट्रेन को यार्ड में खड़ी कर दी गई। जहां से उसे 4 बजकर पांच मिनट पर दोबारा दिल्ली के लिए रवाना होना था। दोपहर करीब दो बजकर 10 मिनट पर स्टेशन अधीक्षक को सूचना मिली कि ट्रेन की बोगी में आग लगी हुई है। स्टेशन अधीक्षक ने दमकल विभाग को सूचना दी। एक के बाद एक दमकल विभाग की सात गाड़ियों मौके पर पहुंची। तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक तीन बोगी जलकर राख हो गया। इस दौरान दूसरे ट्रैक पर एक इंजन भी खड़ा हुआ था। जिसे आनन-फानन में वहां से हटाकर सुरक्षित बचा लिया गया। गनीमत रही कि यार्ड में खड़ी ट्रेन में आग लगी है। यदि रेलवे स्टेशन पर खड़े रहने के दौरान आग लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। आरपीएफ और जीआरपी के जवान भी मौके पर पहुंचे। मामले की जानकारी दिल्ली मुख्यालय को दी गई।

रोहतक में रेलवे स्‍टेशन पर खड़ी ट्रेन में आग लगने के दौरान सूचना साझा करते हुए कर्मी

प्रत्‍यक्षदर्शियों ने कहा कि जिस तरह से आग लगी और आग की लपटों के बाद आसमान धुएं के गुबार से भर गया। ऐसा मंजर हमने फिल्‍मों में ही देखा था। अगर ट्रेन में यात्री होते और फिर आग लग जाती तो लाशें ही लाशें नजर आती। वहीं ट्रेन को रवाना करने से पहले जो भी कर्मी निरीक्षण करने पहुंचे थे उन्‍होंने भी त्‍वरित प्रभाव से सूचनाएं साझा की। फायर बिग्रेड की गाडि़यां समय पर पहुंची भी जिससे पूरी ट्रेन जलने से बच गई। मगर तीन बोगी पूरी तरह से जल गई।