बुखार आता है तो कोरोना समझकर परेशान न हों, ये वायरल भी हो सकता है; डॉक्टर्स ने दी ये सलाह

डॉक्टर एसपी सिंह चिकित्सक जिला एमएमजी अस्पताल

बुखार गले में जकड़न कोरोना के लक्षण हैं लेकिन फिलहाल कोरोना के साथ वायरल का भी प्रकोप चल रहा है। यदि बुखार आता है तो कोरोना समझकर परेशान न हों। आइएमए के वाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9999081239 पर मुफ्त में परामर्श लेकर दवा समय से लें।

नई दिल्ली/ गाजियाबाद। बुखार, गले में जकड़न कोरोना के लक्षण हैं, लेकिन फिलहाल कोरोना के साथ वायरल का भी समय चल रहा है। यदि बुखार आता है तो कोरोना समझकर परेशान न हों। एमएमजी जिला अस्पताल में तैनात डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लें और उनके बताए इलाज से यदि 3-4 दिन में भी तबीयत में सुधार नहीं होता है तो कोरोना की जांच कराएं।

बदलते मौसम में सामान्य हैं ये लक्षण

डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि मौसम बदल रहा है। दिन में गर्मी और शाम व सुबह के समय ठंडक रहती है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही सर्दी, खांसी, जुकाम, गले में खरास व बुखार जैसे लक्षण सामान्य सी बात है। मौसम बदलने पर वायरल की चपेट में लोग आ जाते हैं। मगर कोरोना के संक्रमण को देखते हुए लोग बुखार होते ही खुद को कोरोना संक्रमित मान लेते हैं, जो गलत है।

परेशान न हों और परामर्श लें

डॉ. एसपी सिंह बताते हैं कि बुखार होने पर व्यक्ति का परेशान होना लाजिमी है। ऐसे में जरूरी है कि खुद को सामान्य रखने की कोशिश करें और परेशान न हों। कोरोना के चलते आज टेलीमेडिसन का प्रचलन बढ़ गया है। इसलिए अपने जानकार चिकित्सक को फोन कर लक्षण के आधार पर परामर्श लें। मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर खाएं और बताए गए परहेज भी करें। इस दौरान फल व सलाद खाएं और आक्सीजन का स्तर चेक करते रहें। खांसी होती है तो स्टीमर से भाप भी लेते रहें। 3-4 दिन तक बुखार न उतरे तो कोरोना की जांच कराएं।

वाट्सएप हेल्प लाइन पर संपर्क करें

कोरोना के डर से लोग बुखार होने पर अस्पताल या क्लीनिक जाने से बच रहे हैं। बुखार होने पर कुछ लोग खुद ही पैरासीटामोल लेकर खा लेते हैं। आइएमए के अध्यक्ष डॉ. आशीष अग्रवाल के मुताबिक यदि आप चिकित्सक नहीं हैं तो खुद से कोई भी दवा न लें। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बीच लोगों की सहूलियत के लिए आइएमए ने निश्शुल्क वाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9999081239 जारी किया है।