दिल्ली-मेरठ के बीच बन रही रैपिड रेल निर्माण ने पकड़ी रफ्तार, जानें- कब कर सकेंगे सफर

 

दिल्ली से मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक से बनाई जा रही है।

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल के लिए निर्माण का काम तेज हो गया है। दो साल के भीतर दिल्ली और मेरठ के बीच सफर करने वालों को रैपिड रेल का तोहफा भी मिल जाएगा।

नई दिल्ली। एक अप्रैल से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के साथ ही दिल्ली, यूपी के साथ उत्तराखंड के  बीच सफर करने वालों को राहत मिली है।  वहीं, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल के लिए के लिए काम तेज हो गया है। दो साल के भीतर दिल्ली और मेरठ के बीच सफर करने वालों को रैपिड रेल का तोहफा भी मिल जाएगा। इस बीच रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम  ट्रैक को बिछाने का काम तेज गति से शुरू हो गया है। 

आरआरटीएस ट्रैक बिछाने का काम शुरू

जागरण संवाददादा से मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम निर्माण के मद्देजनर ट्रैक को बिछाने का काम धीरे-धीरे तेज हो रहा है। इस ट्रैक को बिछाने के दौरान हाइस्पीड रेल सिस्टम के लिए व्यापक रूप से प्रचलित अंतरराष्ट्रीय मानकों को तय किया गया है। गौरतलब है कि दिल्ली से मेरठ  के बीच चलने वाली रैपिड रेल  दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक से बनाई जा रही है। इसके साथ इस पर चलने वाली ट्रेन यात्रियों को सुरक्षा के साथ आरामदायक सफर का आंनद देगी।

इस संबंध में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) प्रशासन ने बताया कि भारत में पहली बार ऐसी उन्नत ट्रैक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रीकास्ट ट्रैक स्लैब के निर्माण के लिए मेरठ के शताब्दी नगर में प्री-कास्ट ट्रैक स्लैब फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। इसे साइट पर ले जाया जाएगा और वायडक्ट स्लैब पर फिट किया जाएगा। यह बहुत सटीक स्तर पर तेजी से ट्रैक बिछाने को सुनिश्चित करेगा। आरआरटीएस ट्रैक उच्च-प्रदर्शन वाले होंगे और इनके लिए कम रखरखाव की आवश्यकता होगी। इससे ट्रैक की लाइफ बढ़ जाएगी।

मेक इन इंडिया को बढ़ाया

केंद्र सरकार ने मेक इन इंडिया को बढ़ावा देते हुए 880 ग्रेड रेल का पहला हिस्सा दुहाई, गाजियाबाद के रख-रखाव डिपो में ट्रैक बिछाने के लिए आ चुका है।

2023 में साहिबाबाद से दुहाई के बीच चलेगी ट्रेन

साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किमी के प्राथमिकता वाले हिस्से में साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो सहित पांच स्टेशन हैं और इस आरआरटीएस कारिडोर को मार्च 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

वर्तमान में आरआरटीएस वायडक्ट के निर्माण के लिए 12 लांचिंग गैंट्रीज (तारिणी) दिन-रात काम कर रही है। आरआरटीएस वायडक्ट का करीब चार किमी का निर्माण किया गया है, जहां बेयरिंग, पैरापेट और रोड मेडियन की स्थापना जैसे कार्य अंतिम स्तर पर चल रहे हैं।

गौरतलब है कि परियोजना पूरी होने के बाद पहली बार आनंद विहार, साहिबाबाद से लेकर मेरठ के बीच चौड़ी सड़कों के बीच रैपिड रेल दौड़ेगी। एनसीआरटीसी के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड रेल का संचालन करीब 82 किमी क्षेत्र में होगा। इसमें 14 किमी का क्षेत्र दिल्ली में आता है, जो घनी आबादी वाला विकसित क्षेत्र है।