कोरोना से जंग में लें आयुर्वेद का सहारा, ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए करें ये उपाय

 

कोरोना से पीड़ित व्यक्ति को व्यायाम, योग, शारीरिक बल और प्राणायाम करना चाहिए।

कोरोना से पीड़ित व्यक्ति को व्यायाम योग शारीरिक बल और प्राणायाम करना चाहिए। इससे उसको मानसिक बल मिलेगा और फेंफड़े की शक्ति और कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। इसके साथ ही विषाणुनाशक और फेफड़ाें को मजबूत करने वाली वनौषधि का सेवन करना चाहिए।

नई दिल्ली : कोरोना से संक्रमित लोगों ने आयुर्वेद का सहारा लेकर इसको मात दी है। आयुर्वेद में कोरोना जैसी जनव्यापक बीमारियों को उनके दूषित कारकों और लक्षणों के आधार पर जनपदोध्वंस कहा गया है। यानि ऐसी जनव्यापक बीमारियां वायु, जल, देश, काल के प्रदूषित होने से होती हैं और उत्तरोत्तर घातक होती जाती हैं। इसके बचने के लिए रोगी को रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना चाहिए। ये कहना है अखिल भारतीय वनौषधि प्रचार प्रसार आयाम प्रमुख और पश्चिम विहार स्थित डाल्को हेल्थकेयर से निदेशक वैद्य दीपक कुमार का। उनके मुताबिक कोरोना से पीड़ित व्यक्ति को व्यायाम, योग, शारीरिक बल और प्राणायाम करना चाहिए। इससे उसको मानसिक बल मिलेगा और फेंफड़े की शक्ति और कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। इसके साथ ही विषाणुनाशक और फेफड़ाें को मजबूत करने वाली वनौषधि का सेवन करना चाहिए। दीपक के मुताबिक अगर किसी का आक्सीजन लेवल कम हो रहा हो तो पेट के बल लेटकर यौगिक क्रिया से पांच फीसद तक आक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है।

कोरोना से बचाव के लिए ये करें 

  • - तुलसी, कालमेघ, चिरायता, गिलोय, नीम, वासा, मुलेठी और करीपत्ता औषधि के तौर पर वैद्य की देखरेख में सेवन करें।
  • - सांस फूलने पर छाती में सरसों या तिल के तेल को गर्म करें और उसमें चुटकी भर सेंधा नमक मिलाकर रात में सोने से पहले लगाए।
  • - नाक में चार बूंद सरसों या अणु का तेल गरम कर डालना चाहिए।
  • - सेंधा नमक के पानी से या हल्दी के पानी से गरारे करना चाहिए।
  • - घर में दशांग, कर्पूर और गुग्गुल से धूपन करें।
  • - फल और ताजी सब्जी का सेवन करें।
  • - भोजन में विषाणुनाशक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चटनी भी शामिल कर सकते हैं। इसके लिए दो कच्चे आंवले, तीन कच्ची हल्दी, चार से पांच लहसुन की कलियां, एक टमाटर, धनिया और सेंधानमक मिलाकर चटनी का सेवन करें।