मुस्लिम कम्युनिटी से भी नामित हों जज, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर

 

हाई कोर्ट में मुस्लिम कम्युनिटी के जज के लिए याचिका दायर। सांकेतिक फोटो

जजों की कमी व मुस्लिम कम्युनिटी से जज लगाने की मांग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट में तीन दर्जन से ज्यादा जजों के पद रिक्त हैैं जबकि 6.4 लाख से अधिक मामले लंबित हैंं।

 चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में जजों के 38 पद रिक्त हैं, जजों की कमी के चलते हाई कोर्ट में छह लाख से ज्यादा केस विचाराधीन हैं। इस विषय पर एक गैर सरकारी संगठन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर तुरंत हाई कोर्ट में जजों के रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग की है। याचिका में मांग की गई है कि 1956 में जब से पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट बना है तब से किसी भी मुस्लिम कम्युनिटी के किसी वकील को जज के लिए नामित नहीं किया गया।

याचिका में रिक्त जजों के पदों को भरने व मुस्लिम कम्युनिटी के वकीलों को जजों के चयन में उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। चंडीगढ़ के गैर सरकारी संगठन ह्यूमन राइट प्रोटेक्शन काउंसिल के चेयरमैन रंजन लखनपाल द्वारा दायर जनहित याचिका में बताया गया कि पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में जजो के 85 पद स्वीकृत हैं जिसमें से 38 पद अभी रिक्त हैं।

कोर्ट को बताया गया कि हाई कोर्ट में 6.4 लाख से अधिक मामले लंबित हैं। जजों की कमी के चलते लंबित मामलों की संख्या जनवरी 2021 तक 645213 है, जबकि जनवरी 2020 तक 541520 थी। याचिका में बताया गया कि लंबित मामलों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है।

याचिका में यह भी मांग की गई कि जजों की कुछ रिक्तियों को मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय से भरा जाना चाहिए, ताकि समुदाय को कुछ प्रतिनिधित्व मिल सके। याचिका के अनुसार मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय से इस कोर्ट में जज की नियुक्ति के लिए भारत के प्रधान मंत्री को एक मांग पत्र भी दिया गया था।

याचिका में कहा गया है कि मुस्लिम सदस्य को जज भले ही इस कोर्ट से न बनाया जाए चाहे तो देश के किसी भी राज्य से मुस्लिम जज को इस हाई कोर्ट में नियुक्ति दी जा सकती है। याचिका में भारत के कानून और न्याय मंत्रालय, पंजाब व हरियाणा के गृह सचिव और न्याय विभाग के सचिव, चंड़ीगढ़ के गृह सचिव व रजिस्ट्रार जनरल, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट को प्रतिवादी बनाया गया है।