देश में कोरोना मरीजों की देखभाल को लेकर चिकित्‍सा जगत के दिग्‍गजों ने दिए सुझाव, आप भी जानें

देश के चिकित्‍सा विशेषज्ञों ने रविवार को लोगों को संक्रमित मरीज के इलाज को लेकर जरूरी सुझाव दिए

देश के कई अस्‍पताल ऑक्‍सीजन और रेमडिसिविर जैसी दवाओं की किल्‍लत का सामना कर रहे हैं। अस्‍पतालों पर मरीजों के तीमारदारों की अफरातफरी को देखते हुए देश के चिकित्‍सा विशेषज्ञों ने रविवार को लोगों को संक्रमित मरीज के इलाज को लेकर जरूरी सुझाव दिए। आप भी जानें किसने क्‍या कहा...

नई दिल्‍ली, एजेंसियां। देश में कोरोना की दूसरी लहर से संक्रमण के नए मामलों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। देश के कई अस्‍पताल ऑक्‍सीजन और रेमडिसिविर जैसी दवाओं की किल्‍लत का सामना कर रहे हैं। अस्‍पतालों पर मरीजों के तीमारदारों की अफरातफरी को देखते हुए देश के चिकित्‍सा विशेषज्ञों ने रविवार को लोगों को संक्रमित मरीज के इलाज को लेकर जरूरी सुझाव दिए। आप भी जानें किसने क्‍या कहा...  

एम्‍स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति में जनता में पैनिक है। लोगों ने घर में इंजेक्शन, सिलेंडर रखने शुरू कर दिए हैं जिससे इनकी कमी हो रही है। कोरोना अब एक आम संक्रमण हो गया है। 85-90 फीसद लोगों में ये आम बुखार, जुकाम होता है। इसमें ऑक्सीजन, रेमडेसिविर की जरूरत नहीं पड़ती है।

डॉ. रणदीप गुलेरिया ने आगे कहा कि जो मरीज घर हैं और जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन 94 से ज़्यादा है उनको रेमडेसिविर की कोई जरूरत नहीं है। यदि ऐसी स्थिति में आप रेमडेसिविर दवा लेते हैं तो उससे आपको ज़्यादा नुकसान हो सकता है। ऐसी स्थिति में रेमडेसिविर लेने से फायदा कम नुकसान ज्‍यादा होगा। 

मेदांता अस्‍पताल के डॉ. नरेश त्रेहान ने कहा कि जैसे ही आपकी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है। मेरी सलाह होगी कि आप अपने स्थानीय डॉक्टर से कंसल्‍ट करें जिसके साथ आप संपर्क में हैं। सभी डॉक्टर विविड प्रोटोकॉल और इसके उपचार के बारे में जानते हैं। इसी के अनुसार आपका इलाज शुरू करेंगे। समय पर सही दवा दी जाए तो 90 फीसद मरीज घर पर ठीक हो सकते हैं।