इस बार बेहद खास होगी परीक्षा-पे-चर्चा, छात्रों को मिलेंगे जीवन से जुड़े कुछ नए टिप्स, पीएम मोदी ने दिए संकेत

इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इक्‍जाम वॉरियर्स की प्रस्तावित परीक्षा-पे-चर्चा बेहद खास होने वाली है।

इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इक्‍जाम वॉरियर्स की प्रस्तावित परीक्षा-पे-चर्चा बेहद खास होने वाली है। इस बार पीएम मोदी छात्रों को तनाव मुक्त होकर इन परीक्षाओं में शामिल होने के साथ ही कुछ और नए टिप्स भी देंगे। जानें क्‍यों खास है इस बार का यह कार्यक्रम...

नई दिल्ली। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इक्‍जाम वॉरियर्स की प्रस्तावित परीक्षा-पे-चर्चा बेहद खास होने वाली है। इसको छात्रों का इंतजार अब खत्म हो गया है। पीएम सात अप्रैल को शाम सात बजे देश-दुनिया के छात्रों, शिक्षकों और परिजनों के साथ आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर चर्चा करेंगे। साथ ही उन्हें तनाव मुक्त होकर इन परीक्षाओं में शामिल होने की कुछ और नई टिप्स भी देंगे। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए चर्चा का आयोजन इस बार वर्चुअल ही रखा गया है।

सिर्फ परीक्षा की ही चर्चा नहीं

पीएम मोदी ने सोमवार को ट्वीट कर परीक्षा-पे-चर्चा की तारीख और समय दोनों का ऐलान किया। साथ ही इस दौरान दिए अपने वीडियो संदेश में कुछ टिप्स भी दी, जिसमें कहा कि 'यह परीक्षा-पे-चर्चा जरूर है, लेकिन सिर्फ परीक्षा की ही चर्चा नहीं है।' यानी इस चर्चा में परीक्षा के इतर छात्रों के जीवन से जुड़े विषयों पर भी वह उन्हें टिप्स देते दिखेंगे। करीब दो मिनट के इस वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने छात्रों को दोस्त कहकर संबोधित किया और कहा कि इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह वर्चुअल ही होगी।

अभिभावकों और शिक्षकों से भी चर्चा

प्रधानमंत्री आवास के बाहर शूट किए गए इस वीडियो में पीएम मोदी कुछ टिप्स भी देते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा, 'दरअसल परीक्षा जीवन को गढ़ने का एक अवसर है, लेकिन समस्या तब होती है, जब हम परीक्षाओं को जीवन के सपनों का अंत मान लेते है।' इसके अलावा इस वीडियो में वह तनाव और खाली समय के सदुपयोग की भी छात्रों की सीख देते नजर आ रहे है। पीएम मोदी इस मौके पर छात्रों के साथ अभिभावकों और शिक्षकों से भी चर्चा करेंगे।

ढाई लाख शिक्षक और एक बच्‍चों के अभिभावक शामिल

छात्रों के साथ पीएम मोदी के परीक्षा-पे-चर्चा के इस लोकप्रिय कार्यक्रम के इस चौथे चरण को लेकर पंजीयन का काम 17 फरवरी से ही शुरू हो गया था, जो 14 मार्च तक जारी रहा। इस बीच देश -विदेश के 14 लाख लोगों ने इस कार्यक्रम को लेकर अपने पंजीयन कराए है। इनमें दस लाख से ज्यादा छात्र है, जबकि करीब ढाई लाख शिक्षक और करीब एक लाख बच्चों के माता-पिता भी शामिल हैं।

यह हुआ पहली बार

पहली बार इस चर्चा में शामिल होने के लिए दुनिया के करीब 81 देशों के छात्रों ने लेखन प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया है। खास बात यह है कि पीएम से सीधे सवाल पूछने वाले छात्रों का चयन एक लेखन प्रतियोगिता के जरिये ही किया गया है। बता दें कि पीएम मोदी ने छात्रों के साथ परीक्षा-पे-चर्चा की यह शुरूआत वर्ष 2018 से की है। इस दौरान उन्होंने छात्रों की मदद के लिए एक्जाम वारियर्स नाम से एक किताब भी लांच की थी। फिलहाल इस किताब का अब दूसरा संस्करण भी कुछ नई टिप्स के साथ जारी कर दिया गया है।