एक तरफ कोरोना का कहर दूसरी ओर आंदोलन में रोजा इफ्तार का आयोजन, बन रहे सुपर स्प्रेडर

 

गाजीपुर बॉर्डर पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया, जिसमें न तो शारीरिक दूरी दिखी न ही मास्क का प्रयोग।

सरकार लोगों से शारीरिक दूरी और मास्क का प्रयोग करने की गुजारिश कर रही है। ऐसे लोगों पर जुर्माने का भी प्रावधान कर दिया है। दिल्ली की सीमा पर बैठे किसान नेताओं पर इनका कोई असर नहीं है। वो मास्क का प्रयोग भी नहीं कर रहे।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। देश के तमाम राज्य कोरोना के कहर से परेशान हैं। अस्पतालों में बेड खत्म हो गए हैं, जीवन देने वाली आक्सीजन को लेकर मारामारी मची हुई है। दिल्ली में आइसीयू बेड खत्म हो गए तो लोगों ने एनसीआर का रूख किया, इन समय यहां भी अस्पतालों के बेड भर चुके हैं। सरकार लोगों से शारीरिक दूरी और मास्क का प्रयोग करने की गुजारिश कर रही है। कुछ प्रदेशों ने तो ऐसे लोगों पर जुर्माने का भी प्रावधान कर दिया है मगर दिल्ली की सीमा पर बैठे किसान नेताओं पर इन चीजों का कोई फायदा नहीं हो रहा है। वो अपनी मर्जी से चल रहे हैं।

यहां न तो शारीरिक दूरी का पालन किया जा रहा है ना ही मास्क देखने को मिल रहा है। और तो और कुछ दिन पहले ही यहां पर एक साथ इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इसमें दर्जनों लोगों ने हिस्सा लिया और एक साथ बैठकर सभी ने खाया। यहां शारीरिक दूरी और महामारी से बचने के लिए मास्क किसी के चेहरे पर नहीं दिखा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसान नेता और उनके समर्थकों पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ रहा है।

इन दिनों जहां हर डॉक्टर लोगों से दो गज की दूरी और मास्क जरूरी का पालन करने के लिए कह रहे हैं वहीं गाजीपुर पर चल रहे किसानों के धरना प्रदर्शन में इसकी जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ये वीडियो 15 अप्रैल का है जो किसान संगठन की ओर से ही जारी किया गया था। इसमें भारतीय किसान यूनियन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत और यूपी के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन भी मौजूद थे।

ये दूसरा दिन था जब इस तरह के सामूहिक भोज की व्यवस्था की गई थी। शाम को इसमें हिन्दू और मुस्लिम सभी ने एक साथ बैठकर फलाहार ग्रहण किया था। इस मौके पर गौरव टिकैत ने ये भी कहा था कि हमारे देश की संस्कृति हिंदू मुस्लिम कौमी एकता की परिचायक है। हमारे यहां किसानों में हमेशा से ही इसी तरह भाईचारा बना हुआ है। यह सिर्फ राजनीतिक लोग हैं जो हिंदू-मुस्लिम को लड़ाने का काम करते हैं। सरकार इस बात को ध्यान से निकाल दे कि हम लोगों के बीच में किसी भी तरह से धर्म को लेकर विवाद किया जा सकता है।

उन्होंने कहा था कि चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के वक्त से ही इसी तरह मेल मिलाप चला आ रहा है। जो बरकरार रहेगा। बाबा टिकैत ने एक नारा दिया था। जिसमें हिंदू कहता था। "अल्लाह हु अकबर " तो मुसलमान कहता था "हर हर महादेव " फिर मुस्लिम कहते थे " हर हर महादेव " तो हिंदू कहते थे "अल्लाह हू अकबर" इतना प्रेम दुनियाँ में कहीं भी देखने को नहीं मिलेगा। प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि हमारे साथ एक तरफ साधु संत गेरूवा वस्त्र धारण किए बैठे हैं तो साथ में ही मुस्लिम किसान भाई रोजा खोल रहे हैं। सभी के लिए धर्मों के अनुसार उनके लिए व्यवस्था की गई है।

एक ओर जहां दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के रोजाना लाखों मामले सामने आ रहे हैं, वहीं दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर पर बैठे किसान प्रदर्शनकारी महामारी के खिलाफ जंग में अड़ंगा लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारी न तो कोरोना की जांच करवा रहे हैं और न ही कोरोना का टीका लगवाने को तैयार है। उधर महामारी के दौर में सिंघु, टीकरी व गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे कृषि कानून विरोधी प्रदर्शनकारी ऑक्सीजन टैंकरों के रास्ते में बाधा डालने का भी काम कर रहे हैं। इन लोगों की वजह से इन सीमाओं से दिल्ली पहुंचने वाले आक्सीजन सिलेंडरों को पहुंचने में देर हो रही है। इस वजह से पुलिस को भूमिका अदा करनी पड़ रही है।