आगरा में नहीं अभी राहत, कोरोना वायरस से पांच मौत


आगरा जिला अस्‍पताल में कोरोना मरीजों की जांच को जाती टीम।

ताजनगरी में कोरोना वायरस संक्रमण के मरीज हर दिन बना रहे रिकॉर्ड। गुरुवार को 546 नए केस रिपोर्ट हुए थे। एक्टिव केस बढ़कर 3746 पर पहुंचे। कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचा अब 15602 पर। मौत का आंकड़ा 208 पर पहुंच चुका है।

आगरा,  संवाददाता। ताजनगरी में अब हर तरफ चीत्‍कार नजर आ रहा है। प्रशासन की मानें तो गुरुवार को कोरोना वायरस संक्रमण से पांच मौत हुई हैं। हालांकि श्‍मशान घाट पर इससे कई गुना अंतिम संस्‍कार हुए हैं। बुधवार को प्रशासन ने चार मौतें दर्शायी थीं, जबकि श्‍मशान घाट पर 40 शवों का अंतिम संस्‍कार हुआ था। गुरुवार को 546 नए मामले आए हैं। अस्‍पताल में बेड नहीं हैं, निजी अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन नहीं बची। सामाजिक संस्‍थाओं की एंबुलेंस ऑक्‍सीजन के अभाव में खड़ी हो गई हैं। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को ऑक्‍सीजन सिलिंडर नहीं मिल पा रहे, हर तरफ बेबसी और लाचारी नजर आ रही है। इससे पहले बुधवार को यहां 566 केस आए थे। जबकि चार दिन पहले कराए गए टेस्‍ट की रिपोर्ट अभी पेंडिंग ही है। अब तक कुल संक्रमित 15602 हो चुके हैं। वहीं एक्टिव केस बढ़कर अब 3746 हो गए हैं। सरकारी आंकड़ों में मृतक संख्‍या 208 हो चुकी है। आगरा में अब तक कुल 11648 लोग स्‍वस्‍थ भी हो चुके हैं। गुरुवार तक 703548 लोगों की जांच हो चुकी है। बुधवार तक 699004 लोगों के टेस्‍ट हो चुके थे। ठीक होने की दर घटकर 74.66 फीसद पर आ चुकी है। जो एक समय में 98 फीसद से अधिक थी।

हर घंटे 23 नए केस, छह घंटे में एक की मौत

कोरोना के हर घंटे 23 से अधिक नए केस सामने आ रहे हैं। हर छह घंटे में एक मौत हो रही है। बुधवार को कोरोना संक्रिमत चार मरीजों की मौत हो गई। कोरोना के सक्रिय केस 3411 पहुंच गए हैं। कोविड निमोनिया होने पर भर्ती मंडी सईद खां निवासी 50 साल के मरीज, ताजगंज निवासी 52 साल के कोरोना संक्रमित मरीज, 54 साल के एमएम गेट निवासी मरीज और 61 साल के शाहगंज निवासी कोरोना संक्रमित मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। कोरोना संक्रमित 203 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, 566 नए केस आने के साथ ही कोरोना संक्रमितों की संख्या 15056 पहुंच गई है। कोरोना को मात देने वालों की दर 90 से 76 फीसद पहुंची 13 अप्रैल तक संक्रमित मरीजों के ठीक होने की दर 90 फीसद से अधिक थी, 21 अप्रैल को यह 76 फीसद तक पहुंच गई। पिछले एक सप्ताह में जांच के अनुपात में संक्रमण दर में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है।

कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज और डिस्चार्ज के लिए नई गाइड लाइन

कोरोना संक्रमित मरीज में मामूली लक्षण हैं लेकिन घर में अलग कमरा और शौचालय नहीं है तो होम आइसोलेशन की सुविधा नहीं दी जाएगी। ऐसे मरीजों को एल-1 कोविड अस्पताल में रखा जाएगा। होम आइसोलेशन में मरीज का तापमान, श्वसन दर, आक्सीजन सेचुरेशन दिन में तीन बार चेक किया जाएगा। होम आइसोलेशन वाले मरीजों केा प्रारंभिक जांच के दसवें दिन या भर्ती होने के सातवें दिन बिना जांच के डिस्चार्ज किया जाएगा। रोगी को उसके बाद घर में होम आइसोलेशन में सात दिन रहना होगा।यह संक्रमित रह सकते एक साथ

कोरोना संक्रमित मरीज को अकेले ही आइसोलेट किया जाता है। मगर अब किसी परिवार में एक ज्यादा मरीज हैं तो वे एक कमरे में रह सकते हैं। एक शौचालय का प्रयोग भी कर सकते हैं। होम आइसोलेशन शुरू होने से दस दिन तक इंट्रीग्रेटेड कोविड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए फोन कर रोगियों में लक्षण के विकसित होने के संबंध में जानकारी ली जाएगी।