दिल्ली ही नहीं एनसीआर के शहरों में भी कोरोना बेकाबू, अस्पतालों में बेड-ऑक्सीजन की किल्लत

 

कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सीजन का संकट भी बरकरार है।

 दिल्ली में शु्क्रवार को लगातार दूसरे दिन कोरोना संक्रमण से सर्वाधिक मौतें यानी कोरोना संक्रमण ने 348 जिंदगियां छीन लीं। वहीं नोएडा गाजियाबाद फरीदाबाद और गुरुग्राम समेत एनसीआर के शहरों की हालत भी खराब है।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ ही एनसीआर के जिलों में भी कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली में शु्क्रवार को लगातार दूसरे दिन कोरोना संक्रमण से सर्वाधिक मौतें यानी कोरोना संक्रमण ने 348 जिंदगियां छीन लीं। यह कोरोना से एक दिन में हुई अब तक की सर्वाधिक मौत है।शुक्रवार को चौबीस घंटे में कोरोना संक्रमण के 24,000 से अधिक मामले सामने आए। दिल्ली में कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 23 हजार पहुंच चुकी है, जबकि संक्रमण दर 32.43 बनी हुई है। वहीं, शुक्रवार को पहली बार गौतम बुद्ध नगर में संक्रमितों की संख्या एक हजार के पार पहुंच गई। 1,064 नए मरीज मिलने के साथ नौ संक्रमितों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

इसके अलावा दिल्ली से सटे गाजियाबाद की बात करें तो 815 लोगों की कोरोना रिपोर्ट जहां पॉजिटिव आई है वहीं बीमारी की चपेट में आकर पांच लोगों की जान चली गई। दक्षिण हरियाणा में भी संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार को इस क्षेत्र में 6889 नए कोरोना संक्रमित मिले और 30 मरीजों की मौत हुई है। गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में संक्रमितों की संख्या और मौतें ज्यादा हैं। जबकि रेवाड़ी, नारनौल, नूंह और पलवल में स्थिति थोड़ी नियंत्रण में है।

गुरुग्राम जिले में 4319 संक्रमित मरीज मिले और नौ मरीजों की मौत हुई। जबकि फरीदाबाद जिले में 1450 मरीज मिले और आठ मरीजों की मौत हुई है। सोनीपत की बात करें तो 782 नए संक्रमित सामने आए हैं और छह मरीजों की मौत हुई है।

दिल्ली-एनसीआर में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सीजन का संकट भी बरकरार है। ज्यादातर अस्पतालों बेड खाली नहीं है और जहां हैं भी  वहां पर ऑक्सीजन या फिर वेंटिलीटर का इंतजाम नहीं है।