महाराष्ट्र में कोरोना संकट के बीच सीएम उद्धव ठाकरे ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ की बैठक

 

महाराष्ट्र में कोरोना संकट के बीच सीएम उद्धव ठाकरे ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ की बैठक। फाइल फोटो

द्धव ठाकरे ने शनिवार को नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ महाराष्ट्र में कोरोना वायरस की ​​स्थिति पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। यह जानकारी महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय ने दी।

मुंबई, एएनआइ। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ महाराष्ट्र में कोरोना की ​​स्थिति पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान कोरोना संकट से निपटने पर चर्चा की गई। यह जानकारी महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय ने दी। इधर, महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे में उच्च अधिकारियों के साथ कोविड परिस्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की। वहीं, महाराष्ट्र के मंत्री असलम शेख ने कहा कि सरकार लॉकडाउन से बचने की कोशिश कर रही है, इसलिए कड़े उपायों को लागू करने के लिए सप्ताहांत लॉकडाउन लागू किया गया था। लेकिन ऐसा लगता है कि नए कोरोना मामलों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। पार्टी के सभी प्रतिनिधियों ने एक बैठक की, जिसमें महामारी को रोकने की सभी संभावनाओं पर चर्चा की गई। 

मुंबई में कोरोना के 9327 नए मामले और 50 मौतें

मुंबई में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 9327 नए मामले सामने आए और 50 लोगों की मौत हुई। कुल मामलों की संख्या 5,10,225 है।

नागपुर में कोरोना के 5131 नए मामले और 65 मौतें 

नागपुर में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 5131 नए मामले सामने आए, 2837 रिकवर हुए और 65 मौतें दर्ज की गईं। यहां कुल मामले  2,71,355 हैं। कुल 2,14,073 रिकवर हुए। सक्रिय मामले  51,576 हैं। कोरोना से 5,706 की मौत हुई है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में दो से तीन हफ्ते के लिए संपूर्ण लॉकडाउन की आशंका बढ़ गई है। कोरोना संक्रमण के तेजी से खराब होते हालात को काबू में करने के लिए सरकार ने पहले ही वीकेंड लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू    जैसे कदम उठाए हैं।  महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शुक्रवार को कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए राज्य में दो से तीन हफ्ते के संपूर्ण लॉकडाउन की जरूरत है। हालांकि, वह तत्काल इसके पक्ष में नहीं हैं, लेकिन अगर दवा की कमी होती है और सरकार बढ़ते मामलों को रोक पाने में नाकाम रहती है तो लॉकडाउन लगाना होगा। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों से हालात सुधरेंगे।