राकेश टिकैत अपनी जिद पर अड़े, लॉकडाउन के दौरान आंदोलन को लेकर कही ये बड़ी बात

 

गांवों से किसान यहां नहीं आएंगे। मगर जो यहां पर हैं वह यहीं पर रहेंगे। आंदोलन चलता रहेगा।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शुक्रवार को यूपी गेट पर दो टूक कहा कि अगर लाकडाउन लगेगा तब भी आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि यूपी गेट सिंघु बार्डर और टीकरी बार्डर पर पांच माह से किसान डटे हैं।

साहिबाबाद। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शुक्रवार को यूपी गेट पर दो टूक कहा कि अगर लाकडाउन लगेगा, तब भी आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि यूपी गेट, सिंघु बार्डर और टीकरी बार्डर पर पांच माह से किसान डटे हैं। एक तरह से यहां किसानों ने अपना गांव बसा लिया है। लाकडाउन लगेगा, तो क्या गांव में लोग नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि लाकडाउन लगेगा, तो उसके नियमों का पालन किया जाएगा। गांवों से किसान यहां नहीं आएंगे। मगर जो यहां पर हैं वह यहीं पर रहेंगे। आंदोलन चलता रहेगा।

कोरोनारोधी टीकाकरण के प्रश्न पर राकेश टिकैत ने कहा कि उन्होंने पहला डोज लगवा लिया है। सीमाओं पर बैठे किसानों को टीका लगवाने के लिए आसपास के निजी अस्पतालों और प्रशासन से बातचीत की जा रही है। सभी को टीका लगवाया जाएगा। बता दें कि यूपी गेट पर 28 नवंबर से तीनों कृषि कानूनों के विरोध में धरना प्रदर्शन चल रहा है। इसकी वजह से यूपी गेट पर दिल्ली जाने वाली सभी लेन बंद हैं। लाखों वाहन चालकों को बहुत दिक्कत हो रही है। उन्हें अन्य सीमाओं से गुजरना पड़ रहा है। वह प्रदर्शनकारियों को कोस रहे हैं। इनके खिलाफ स्थानीय निवासी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अड़ियल रवैया अपनाए प्रदर्शनकारी यहां से हट नहीं रहे हैं।

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से अहम कदम उठाया गया है। इसके तहत अब रविवार को बीते साल की तरह ही पूरी तरह से लॉकडाउन रहेगा जिससे संक्रमण फैलने की चेन को तोड़ा जा सके। हालांकि इस लॉकडाउन में आवश्यक सेवाओं को पूरी तरह से छूट भी रहेगी मगर सभी आफिस और बाजारों को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। इस दिन बड़े पैमाने पर वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए सेनिटाइजेशन अभियान चलाया जाएगा जिससे संक्रमण पर काबू पाया जा सके।

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रविवार को लॉकडाउन की घोषण करते हुए सरकार की ओर से कहा गया कि ये आपात व्यवस्था है जो देश या प्रदेश में महामारी या किसी प्राकृतिक आपदा के समय किसी भी इलाके में लागू की जा सकती है। ये जानकारी मिलने के बाद राकेश टिकैत ने आंदोलन को खत्म करने से मना कर दिया बल्कि वो बोले कि ये चलता रहेगा।