रंगदारी गिरोह बाहरी राज्यों से मंगवाता था पिस्तौल और देशी कट्टे

 

शहर के जानेमाने रघुनाथ,बाजार और कनक मंडी के कुछ व्यापारियों को भी रंगदारी गिराेह ने लूटा है।

पुलिस का कहना है कि बाहरी राज्यों में कौन से लोग थे जिनसे यह हथियार खरीदे जाते थे? इसकी पड़ताल जारी है।गांधीनगर के एसएचओ भरत शर्मा का कहना है कि अभी मामले में कुछ कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि अभी कुछ और गिरफ्तारियां की जानी बाकी हैं।

जम्मू,  जम्मू में बीते 5 सालों से सिर उठा रहा रंगदारी गिरोह के सरगना सुप्रीत सिंह उर्फ राजा समेत पकड़े गए 15 सदस्यों से अब तक पूछताछ में पुलिस ने अहम सुराग जुटाएं है।रंगदारी के लिए गिरोह से जब्त की गई 5 पिस्तौले और 4 देशी कट्टे व उनके कारतूस बाहरी राज्य उत्तरप्रदेश व बिहार से लाए गए थे।

इन हथियारों की आपूर्ति में जम्मू शहर के क़ुछ व्यापारियों का नाम आ रहा है, जिसने इस गिरोह को व्यापार की आड़ में इन हथियारों की खेप को बाहरी राज्यों से जम्मू पहुंचाया और बाद में गिरोह को सौंप दिए।हथियार मुहैया करवाने वाले लोगों से गांधीनगर पुलिस पूछताछ में लगी हुई है।अभी तक पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नही किया है।पुलिस का कहना है कि बाहरी राज्यों में कौन से लोग थे जिनसे यह हथियार खरीदे जाते थे? इसकी पड़ताल जारी है।गांधीनगर के एसएचओ भरत शर्मा का कहना है कि अभी मामले में कुछ कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि अभी कुछ और गिरफ्तारियां की जानी बाकी हैं।

रघुनाथ बाजार और कनक मंडी के व्यापरियों से ले चुके हैं रंगदारी: शहर के जानेमाने रघुनाथ,बाजार और कनक मंडी के कुछ व्यापारियों को भी रंगदारी गिराेह ने लूटा है। गिरोह का मास्टर माइंड राजा जम्मू शहर में अपराधियों के ऐसा साम्राज्य तैयार किया था कि अब यह गिरोह नागों जैसे व्यापारियों से रंगदारी के लिए पैसों की उगाही करना चाहते थे।किसी समय में नागों का शहर में सिक्का चलता था, लेकिन रंगधारी गिरोह को नागों के घर पर फायरिेंग कर उससे दो करोड़ रूपये की रंगदारी के लिए धमकाना मंहगा पड़ गया।व्यापारियों से रंगदारी वसूलने की योजना कोटभलवाल जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे रायल सिंह बनाता था।रायल सिंह की सलाह पर ही नागों के घर पर 3 अप्रैल को फायरिंग हुई थी।

50 से 60 लोगों का है गिरोह: रंगदारी गिरोह केवल क्रिकेट मैचों में सट्टा लगाने के लिए सूद पर पैसों को निवेश ही नही करता था, जबकि शहर पैसे वालों की बिगड़ेल संतानों की हेरोइन और समैक जैसे मंहगे नशे के लिए पैसा भी सूद पर दिया करते थे। इतना ही नही रेव पार्टियों में जहां नशे का प्रचलन आम है, उन युवाओं को भी मादक पदार्थों के लिए पैसा उपलब्ध करवाया जाता था।एसएसपी जम्मू चंदन कोहली का कहना है कि जम्मू को अपराध मुक्त बनाने का हमारा कर्तव्य है।अपराधी चाहे कोई भी हो वह कानून से नही बच पाएगा।