कोरोना के नए मामलों में भारी बढ़ोतरी से पाकिस्‍तान में बिगड़े हालात, मरीजों से भरे अस्पताल, बेड पड़ रहे कम


पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण फैलने की तेज रफ्तार से हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं।

पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण फैलने की तेज रफ्तार से हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। कोरोना संक्रमण के नए मामलों में भारी बढोतरी से अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं। राष्‍ट्रीय राजधानी इस्लामाबाद समेत कई शहरों में हालात दिनोंदिन खराब हो रहे हैं।

इस्लामाबाद, पीटीआइ। पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण फैलने की तेज रफ्तार से हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। कोरोना संक्रमण के नए मामलों में भारी बढोतरी से अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं। पाकिस्‍तान में बृहस्पतिवार को कोरोना संक्रमण के 4,974 नए मामले सामने आए जबकि 24 घंटे में 98 मरीजों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक 20 जून 2020 के बाद संक्रमितों की यह सर्वाधिक संख्या है। 20 जून 2020 को 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 5,948 मामले सामने आए थे।

दिनोंदिन खराब हो रहे हालात

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय ने बताया कि अब तक देश में कोरोना के 6,72,931 मामले आए हैं। इनमें से 14,530 मरीजों की मौत हुई है जबकि 6,05,274 ठीक हुए हैं। पाकिस्‍तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक देश के अस्पतालों में मरीजों की संख्या उनकी क्षमता के करीब पहुंच रही है। राष्‍ट्रीय राजधानी इस्लामाबाद समेत कई शहरों में हालात दिनोंदिन खराब हो रहे हैं।

मरीजों को करना पड़ रहा इंतजार

इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (Pakistan Institute of Medical Sciences, PIMS) में बिस्तर भर गए हैं। मरीजों को बेड के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। मालूम हो कि पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी पीआईएमएस में पूरे देश से मरीज आपात स्थिति में आते हैं। यहां आलम यह है कि अस्पताल ऐसे मरीजों को बिस्तर की कमी वजह से दूसरे अस्‍पतालों में रेफर कर रहा है।

सरकार दे रही दिलासा

इस्लामाबाद स्थित पॉलिक्लिनिक अस्‍पताल में भी हालात खराब हैं। यहां एक भी वेंटिलेटर खाली नहीं है। समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन कोरोना मरीजों को इलाज देने में असमर्थ महसूस कर रहा है। हालांकि सरकार लोगों को दिलासा दे रही है कि जरूरत पड़ी तो इंतजाम किए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय का कहना है कि वह हालात पर करीबी नजर रखे हुए है। यदि जरूरत पड़ी तो बिस्तरों एवं वेंटिलेटर की व्यवस्था की जाएगी।