अमेरिका ने चीन के कंप्यूटर निर्माताओं पर लगाए प्रतिबंध, हथियारों के विकास में सुपर कंप्यूटरों के इस्तेमाल का आरोप

 

चीनी सेना हथियारों के विकास में करती है सुपर कंप्यूटरों का इस्तेमाल

बाइडन प्रशासन ने गुरुवार को प्रतिबंधों का एलान किया। इस फैसले से जाहिर होता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अपने पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीनी प्रौद्योगिकी कंपनियों के खिलाफ शुरू किए गए सख्त रुख पर बने रहेंगे।

बीजिंग, एपी। अमेरिका और चीन के बीच प्रौद्योगिकी और सुरक्षा मसलों पर भी तनाव बढ़ता जा रहा है। बाइडन प्रशासन ने सात चीनी सुपर कंप्यूटर रिसर्च लैब और निर्माताओं पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। प्रशासन ने कहा कि चीनी सेना हथियारों के विकास में इन कंपनियों के सुपर कंप्यूटरों का इस्तेमाल करती है। बता दें कि वाशिंगटन और बीजिंग के बीच दक्षिण चीन सागर, तिब्बत, हांगकांग, शिनजियांग में मानवाधिकार उल्लंघन और कारोबार समेत कई मसलों पर पहले से तनातनी चल रही है।

बाइडन प्रशासन ने गुरुवार को प्रतिबंधों का एलान किया। इस फैसले से जाहिर होता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अपने पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीनी प्रौद्योगिकी कंपनियों के खिलाफ शुरू किए गए सख्त रुख पर बने रहेंगे। अमेरिका इन प्रौद्योगिकी कंपनियों को खतरा मानता है। यह माना जा रहा है कि नए प्रतिबंधों से अमेरिका और चीन के बीच तनाव और बढ़ सकता है। अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने कहा कि इन कंपनियों द्वारा तैयार सुपर कंप्यूटरों का इस्तेमाल चीनी सेना हथियारों के विकास में करती है।

ट्रंप ने अपना रखा था सख्त रुख

ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिका और चीन के संबंध बेहद खराब रहे। इस प्रशासन ने कोरोना महामारी, मानवाधिकार उल्लंघनों और दक्षिण चीन सागर को लेकर बीजिंग के खिलाफ सख्त रवैया अपना रखा था। हांगकांग में नए सुरक्षा कानून और शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार और जासूसी को लेकर ट्रंप प्रशासन ने चीन की कई कंपनियों और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिए थे।