संयुक्त राष्ट्र की तीन अहम समितियों में सदस्य बना भारत

 

संयुक्त राष्ट्र की तीन अहम समितियों में सदस्य बना भारत

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पहले से ही तीन महत्वपूर्ण समितियों का सदस्य चुने जाने के बाद अब भारत को संयुक्त राष्ट्र की तीन अहम आर्थिक और सामाजिक समितियों में सदस्य बनाया गया है। इसमें फ्रांस घाना कोरिया रूस और स्वीडन भी शामिल हैं।

न्यूयॉर्क, प्रेट्र।  संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में भारत को तीन अहम आर्थिक और सामाजिक समितियों में सदस्य बनाया गया है। भारत को लैंगिक समानता के लिए काम करने वाली यूएन एंटिटी फॉर इक्वलिटी और महिला सशक्तिकरण को लेकर काम करने वाली एमपावरमेंट ऑफ वीमेन (यूएन वीमेन) में तीन साल के लिए सदस्य बनाया गया है। कार्यकाल एक जनवरी 2022 से शुरू होगा। भारत को विश्व खाद्य कार्यक्रम में पहले ही एक्जीक्यूटिव बोर्ड में शामिल कर लिया गया है। इसमें फ्रांस, घाना, कोरिया, रूस और स्वीडन भी शामिल हैं।

भारत को अपराध निरोधक एवं आपराधिक आयोग में एक जनवरी, 2022 से शुरू हो रहे तीन साल के कार्यकाल के लिए चुना गया है। वहीं, ऑस्ट्रिया, बहरीन, बेलारूस, बुल्गारिया, कनाडा, फ्रांस, घाना, लीबिया, पाकिस्तान, कतर, थाइलैंड, टोगो और अमेरिका को भी मौखिक अनुमोदन के साथ चुना गया जबकि ब्राजील, डोमिनिक गणराज्य, प्राग, चिली, क्यूबा को गुप्त मतदान के जरिए चुना गया।

संयुक्त राष्ट्र लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तिकरण संस्था के कार्यकारी बोर्ड में भी भारत को तीन साल के कार्यकाल के लिए निर्वाचित किया गया। संयुक्त राष्ट्र निकाय में अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, कैमरून, कोलंबिया, डोमिनिक गणराज्य, मिस्र, गांबिया, गुयाना, केन्या, मोनाको, पोलैंड, दक्षिण अफ्रीका, थाइलैंड, तुर्कमेनिस्तान और यूक्रेन भी निर्वाचित हुए।

इसके अलावा भारत विश्व खाद्य कार्यक्रम के कार्यकारी बोर्ड में भी निर्वाचित हुआ। एक जनवरी, 2022 से उसका कार्यकाल शुरू होगा। इस बोर्ड में फ्रांस, घाना, कोरिया गणराज्य, रूस और स्वीडन को भी अनुमोदन द्वारा निर्वाचित किया गया।

ज्ञात हो कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पहले से ही तीन महत्वपूर्ण समितियों का सदस्य बनाया जा चुका है। इनमें तालिबान सेक्शन समिति, लीबिया सेक्शन समिति और आतंकरोधी समिति हैं। भारत ने इसी साल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सदस्य के तौर पर अपना आठवीं बार कार्यकाल शुरू किया है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार-संयुक्त राष्ट्र सतत विकास रूपरेखा (एसडीएफ) 2018-2022 प्रमुख विकास परिणामों की उपलब्धि का समर्थन करने के लिए भारत में संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के काम की रूपरेखा ढांचा तैयार करता है।

नीति आयोग संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास रूपरेखा कार्यक्रम के संचालन को लेकर भारत में संयुक्त राष्ट्र की राष्ट्रीय सहयोगी है।