कोरोना के साथ कालाबाजारियों का आतंक चरम पर, एक सिलिंडर के मांग रहे इतने रुपये

 

अब तो किसी भाव आक्सीजन सिलिंडर नहीं मिल रहा

बुधवार दोपहर डॉ. राममनोहर लोहिया जिला चिकित्सालय में अपना आक्सीजन सिलिंडर लेकर आए फतेहगढ़ के मोहल्ला शीशमबाग निवासी मरीज मो. आसिफ ने बताया कि उसकी पांच दिन पहले तबियत बिगड़ी थी। कन्नौज में तैनात एमओआईसी भाई ने उसका इलाज किया लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।

फर्रुखाबाद। जैसे-जैसे जिले में कोरोना का प्रकोप बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कालाबाजारियों का भी प्रकोप बढ़ रहा है। आक्सीजन सिलिंडर ब्लैक में बिक रहा है। इससे मरीजों को इलाज के लिए मोटा रुपया खर्च करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय पर एक मात्र आक्सीजन सिलिंडर गैस एजेंसी है। वह भी बंद है। आक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए सरकारी एंबुलेंस चालक कई घंटों तक खड़े रहे। एजेंसी संचालक का मोबाइल भी स्विच आफ बता रहा है। एक मरीज ने ब्लैक मार्केट से 14 हजार रुपये का आक्सीजन सिलिंडर खरीदा और लोहिया अस्पताल में अपनी जांच कराने पहुंचा। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। वहां उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया।

बुधवार सुबह तक आई जांच रिपोर्ट में 66 मरीज और कोरोना संक्रमित निकले। पूरे जिले में इन्हेंं मिलाकर 1200 से ऊपर कोरोना संक्रमित मरीज हो गए हैं।अधिकांश लोगों का इलाज घरों पर ही करा रहे हैं। कुछ निजी चिकित्सकों से सलाह लेकर अपना इलाज करवा रहे हैं। ऐसे में कई मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने पर उन्हेंं आक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में लोगों को आक्सीजन नहीं मिल पा रही है। जिला मुख्यालय पर एक ही आक्सीजन गैस एजेंसी है। बुधवार को दोपहर बाद तक एजेंसी बंद रही और बाहर 112 और 108 सेवा की तीन एंबुलेंस आक्सीजन लेने के इंतजार में कई घंटे से खड़े थे।

ईएमटी विपिन यादव ने बताया कि वह दो घंटे से एजेंसी खुलने के इंतजार में खड़ा है। लेकिन एजेंसी खुली ही नहीं। यही बात नवी कुमार और अनुराग ने भी बताई। ईएमटी ने बताया कि यदि आकस्मिक सेवा से काल आ गई तो बिना आक्सीजन सिलिंडर के ही जाना पड़ेगा। कुछ अस्पताल संचालकों ने बताया कि पहले आक्सीजन का बड़े सिलिंडर की रिफिल 350 रुपये में मिल जाती थी। एक सप्ताह पहले ही इसके दाम एक हजार रुपये हो गए। अब तो किसी भाव आक्सीजन सिलिंडर नहीं मिल रहा है।

अपना सिलिंडर साथ लाया मरीज : बुधवार दोपहर डॉ. राममनोहर लोहिया जिला चिकित्सालय में अपना आक्सीजन सिलिंडर लेकर आए फतेहगढ़ के मोहल्ला शीशमबाग निवासी मरीज मो. आसिफ ने बताया कि उसकी पांच दिन पहले तबियत बिगड़ी थी। कन्नौज में तैनात एमओआईसी भाई ने उसका इलाज किया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इस पर निजी स्तर पर 14 हजार रुपये में आक्सीजन सिलिंडर लिया। बुधवार को वह डॉ. राममनोहर लोहिया जिला चिकित्सालय में कोरोना की जांच कराने के लिए आए थे। वहां उनकी गंभीर हालत देख उन्हेंं लोहिया अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया। बताया जा रहा है कि उसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई। कुछ ही देर बाद वह बिना किसी को बताए वहां से सिलिंडर लेकर चला गया।