कांग्रेस का केजरीवाल पर बड़ा हमला, कहा- आपने भरोसा तोड़ा, इस्तीफा दीजिए

 

दिल्ली के पूर्व मंत्री हारून यूसुफ ने कहा, प्रधानमंत्री का भरोसा तोड़ अरविंद केजरीवाल ने खोयी गरिमा।

15 साल तक दिल्ली सरकार में मंत्री रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता हारून यूसुफ कहते हैं कि इतनी असहाय दिल्ली उन्होंने कभी नहीं देखी। पहली बार ऐसा हो रहा है कि एक बीमारी के आगे दिल्ली घुटने टेकने को मजबूर हो गई है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक की बातों का सार्वजनिक कर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कांग्रेस के भी निशाने पर आए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि केजरीवाल ने हमेशा से सभी का भरोसा तोड़ा है। जनता को तो गुमराह करते ही रहे हैं, अब तो केंद्र सरकार के साथ दिल्ली सरकार के रिश्तों की गरिमा को भी इन्होंने तार तार कर दिया। ऐसे विश्वासघाती व्यक्ति को दिल्ली का मुख्यमंत्री बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। 15 साल तक दिल्ली सरकार में मंत्री रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता हारून यूसुफ कहते हैं कि इतनी असहाय दिल्ली उन्होंने कभी नहीं देखी। पहली बार ऐसा हो रहा है कि एक बीमारी के आगे दिल्ली घुटने टेकने को मजबूर हो गई है।

एक साल में नहीं की तैयारी

हैरत की बात यह कि कोरोना से जूझते हुए एक साल से ज्यादा हो गया है लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार फिर भी कोई तैयारी नहीं कर पाई। बेड, आक्सीजन और उपचार कुछ भी नहीं मिल रहा। हास्यास्पद यह कि अपनी नाकामी छिपाने के लिए केंद्र के सिर ठीकरा फोड़ते रहते हैं। प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक को सार्वजनिक करना तो बहुत ही घटिया हरकत है।

पीछे चली गई दिल्ली

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जयकिशन कहते हैं कि शीला दीक्षित सरकार के 15 साल के कार्यकाल में दिल्ली ने जितना विकास किया था, आज दिल्ली उतनी ही पीछे चली गई है।  एक नया अस्पताल नहीं बना, अस्पतालों की क्षमता नहीं बढ़ी। बस मोहल्ला क्लीनिक बनाकर अपनी वाहवाही बटोरने का काम किया। स्वास्थ्य ही नहीं, हर मोर्चे पर यह सरकार विफल साबित हुई है। एक नया स्कूल- काॅलेज नहीं बना। सड़कों की मरम्मत और नालों की सफाई तक नहीं होती। सबसे ज्यादा दुखद यह कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्वयं अपनी गलती मानने, उसमें सुधार करने की बजाए सभी को गुमराह करने में लगे रहते हैं। यही हरकत उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक में की। मुख्यमंत्री बनते हुए उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ तो ली, लेकिन उसका मतलब नहीं समझ पाए। इसीलिए स्वयं की वाहवाही की मंशा से इतनी उच्च स्तरीय बैठक की गरिमा ही भूल गए। निस्संदेह उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

आज दिल्लीवासी बेबस

वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं दिल्ली नगर निगम में नेता सदन रहे जितेंद्र कोचर जीतू कहते हैं कि मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक सरकार का हिस्सा होते हैं। इनसे हमेशा मदद की उम्मीद की जाती है, लेकिन आज दिल्लीवासी बेबस हो चुके हैं। उन्हें कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही। कोई फोन ही नहीं उछाता। दिल्लीवासियों को उपचार मिलना तो दूर, अंतिम यात्रा में अपनों का कांधा भी नहीं मिल पा रहा है। लचर स्वास्थ्य सेवाओं के चलते दिल्ली वासी जिंदगी की जंग हारते जा रहे हैं। इस भी हैरत की बात यह कि इन हालातों में भी केजरीवाल प्रचार की लालसा में प्रधानमंत्री तक की बैठक को सार्वजनिक कर देते हैं जो अक्षम्य है।